BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के मामले में जांच एजेंसियों को एक नया और गंभीर सुराग हाथ लगा है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ज्योति द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में एक खास पैटर्न सामने आया है, जो बेहद संदेहजनक और चौंकाने वाला है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इन वीडियो के ज़रिए न सिर्फ धार्मिक भ्रमण को दिखाया गया, बल्कि सीमावर्ती इलाकों और सुरक्षा तैनाती की जानकारी भी जानबूझकर हाईलाइट की गई थी।
आईएसआई मॉड्यूल से कनेक्शन की जांच
जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियों को शक हुआ कि यह केवल सोशल मीडिया एक्टिविटी नहीं बल्कि एक सुनियोजित खुफिया अभियान का हिस्सा हो सकता है। एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रभाव रखने वाले कुछ स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स को अपने नेटवर्क का हिस्सा बनाया था। इनका उद्देश्य भारत से संवेदनशील जानकारियाँ जुटाना और पाकिस्तान की छवि को गलत ढंग से सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना था।
इस संदर्भ में एनआईए, आईबी और हरियाणा पुलिस की एक संयुक्त टीम ने ज्योति से पूछताछ की। पूछताछ में उसने कई तथ्य छिपाने की कोशिश की और जांच को गुमराह करने के प्रयास भी किए।
संदिग्ध ऐप्स और डेटा डिलीशन की तकनीकें
जांच के दौरान ज्योति के मोबाइल से कुछ ऐसी एप्लिकेशन बरामद की गईं जिनमें की गई चैट 24 घंटे के भीतर खुद-ब-खुद डिलीट हो जाती है। इसके अलावा, उसने अनेक तस्वीरें और फोटोज़ अलग-अलग ऐप्स के माध्यम से साझा की थीं। यह स्पष्ट नहीं है कि ये सामग्री किस तक पहुंचाई गई, लेकिन जांच अधिकारी इस दिशा में गहराई से पड़ताल कर रहे हैं।
उसके दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि डिलीट की गई फाइलों और चैट्स को रिकवर किया जा सके। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि ज्योति की पाकिस्तान यात्रा केवल सांस्कृतिक या धार्मिक कारणों तक सीमित नहीं थी।
वीडियो में धार्मिक स्थल कम, सीमावर्ती गतिविधियां ज़्यादा
जांचकर्ताओं ने ज्योति के द्वारा अपलोड किए गए कई वीडियोज़ का विश्लेषण किया। अधिकांश वीडियोज धार्मिक यात्रा या तीर्थ स्थलों के नाम पर थे, लेकिन इनमें धार्मिक विषयवस्तु कम और बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़ी जानकारी अधिक दिखाई गई थी। कुछ वीडियो में भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, तैनात बलों और उनके मूवमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया था।
यह पैटर्न केवल भारत-पाक सीमा तक सीमित नहीं रहा। एक ब्लॉग पोस्ट में, जो अफगानिस्तान बॉर्डर से संबंधित था, वहां भी समान प्रवृत्ति देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर गहराता संदेह
जांच एजेंसियां अब ज्योति की विदेश यात्राओं की भी जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वह अब तक पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, थाईलैंड, इंडोनेशिया और दुबई जैसे देशों की यात्रा कर चुकी है। ये यात्राएं अलग-अलग समय पर हुई हैं और इनमें से कुछ ट्रिप्स के उद्देश्य स्पष्ट नहीं हैं।
पाकिस्तान में तय समय से अधिक ठहराव
एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि 17 मई 2014 को ज्योति पाकिस्तान में बैसाखी समारोह कवर करने गई थी। यह पर्व 10 दिन में समाप्त हो गया था, लेकिन ज्योति वहां 20 दिन से ज्यादा रुकी रही। इसके लगभग एक महीने बाद वह चीन भी गई। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह इस अतिरिक्त समय में पाकिस्तान में किन स्थानों पर गई और क्या चीन की यात्रा की योजना वहीं बनाई गई थी।





