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अर्जुन सिंह अलंकरण पुरस्कार: विजयदत्त श्रीधर, अशोक ध्यानचन्द्र, हरिचन्दन भट्टी और प्रहलाद टिपानिया होंगे सम्मानित

Arjun Singh Decoration Award: Vijaydutt Sridhar, Ashok Dhyanchandra, Harichandan Bhatti and Prahlad Tipania will be honored

अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन भी होगा

भोपाल : 4 नवंबर 2025, वरिष्ठ राजनेता और लोकसेवक स्व. श्री अर्जुन सिंह जी की जयंती पर राजधानी भोपाल में पांच नवंबर को अर्जुनसिंह अलंकरण समारोह आयोजित किया गया है| इस अवसर पर अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन होगा| यह आयोजन रविन्द्र भवन मुक्ताकाश मंच में रात्रि आठ बजे से आरम्भ होगा।


अर्जुनसिंह अलंकरण से सप्रे संग्रहालय के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, पूर्व ओलम्पियन हाकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचन्द्र, कलाधर्मी पद्मश्री हरिचन्दनसिंह भट्टी और प्रसिद्ध कबीर लोक गायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को उनके सृजन सक्रिय योगदान के लिये अलंकृत किया जायेगा। इस अवसर पर आयोजित मुशायरा और कवि सम्मेलन में प्रख्यात रचनाकार ताहिर फराज़ (रामपुर), पापुलर मेरठी (मेरठ), शकील आज़मी (मुम्बई), खुर्शीद हैदर (मुजफ्फरनगर), नदीम फार्रुख (एटा), मुमताज नसीम (दिल्ली), बिलाल सहारनपुरी (सहारनपुर), और तबरेज मुनव्वर राणा (लखनऊ) अपनी प्रस्तुति देंगे।
अर्जुनसिंह सद्भावना मंच द्वारा ‘यादें अर्जुन सिंह समारोह’ में महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला मुख्य अतिथि रहेंगे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेठी के लोकप्रिय सांसद किशोरीलाल शर्मा करेंगे। इसके साथ ही महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान, भोपाल के विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन समिति के संरक्षक एव पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया और उनके बड़े भाई अभिमन्यु सिंह दादा भाई अतिथियों के स्वागत और आभार के लिए उपस्थित रहेंगे| आयोजन समिति के सचिव डा० महेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश भर के गणमान्य लोगों को भी इस अवसर पर आमंत्रित किया गया है।


डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि स्व. अर्जुन सिंह की याद में उनकी जयंती पर यह गरिमामय कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है। वे एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने जीवन पर्यन्त राजनीति को लोक सेवा के रूप में देखा| उन्होंने विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए हमेशा पिछड़े, गरीब, अनुसूचित जातियों और जनजातियों को केन्द्र बिंदु में रखकर सरकारी योजनायें बनाई और उन्हें सफलतापूर्वक ज़मीन पर लागू किया। यही कारण है कि इन कामों के लिये आज भी लोग उन्हें तहेदिल से याद करते हैं। बागियों का आत्मसमर्पण, आदिवासियों के लिये तेन्दूपत्ता नीति, पिछड़े वर्गों के लिए महाजन आयोग, झुग्गीवासियों को मालिकाना हक, रिक्शेवालों को मालिकाना हक, कला और संस्कृति का संवर्धन, पंजाब समस्या का समाधान करने के लिए राजीव लोंगोवाल समझौता और शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नये नये संस्थानों के लिए उनका हमेशा नाम लिया जाता है। इसके अलावा नौकरी और शिक्षा में ओबीसी समुदाय को आरक्षण की सिफारिश भी अर्जुन सिंह की देन है| इसी दिन उनकी स्मृति में सबेरे साढ़े दस बजे स्व. अर्जुन सिंह की प्रतिमा पर और ग्यारह बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया है|