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चीन में कोविड-19 जैसा एक और वायरस, देखें वीडियो

Another virus like Covid-19 in China, watch video

साल 2020 में आए कोरोना वायरस ने दुनिया भर को हिला दिया था। पूरी दुनिया ने लॉकडाउन जैसी स्थिति को देखा, कितने ही लोग इस महामारी की भेंट चढ़ गए, लेकिन दुनिया के सामने एक बार फिर नया खतरा देखा जा रहा है। दरअसल चीन से एक वीडियो सामने आया है जिसके बाद लोगों के सामने सवाल है कि, क्या एक बार फिर कोई वायरस चीन में पनप रहा है। जानकारी के मुताबिक एक वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल है, जिसमें देश के अस्पताल में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस से पीड़ित मरीज नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि, चीन में कई वायरस की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इनमें इन्फ्लूएंजा ए, माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया और कोविड-19 के मरीज भी शामिल हैं। इन वायरस की वजह से लोगों की जान जा रही है। अंतिम संस्कार करने वाली जगह पर लोगों की भीड़ जमा हो रही है।

कोविड-19 के कारण जनजीवन ठप्प होने के करीब पांच साल बाद एक और महामारी के मंडराते खतरे से लोग दहशत में हैं। ऑनलाइन लोग इस वायरस की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी विश्वसनीय रिपोर्ट ने इन पोस्ट की पुष्टि नहीं की है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने किसी नई महामारी के सामने आने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है। ना ही लोगों को सावधानी बरतने को लेकर कोई अलर्ट जारी किया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अस्पताल के वेटिंग रूम का नजर आ रहा है। यह मरीजों से भरा हुआ है, वीडियो में कई लोग मास्क पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग खांसते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया गया है. इसके कैप्शन से पता चलता है कि इसे चीन में शूट किया गया है। एक और पोस्ट जो एक्स पर 12 मिलियन से अधिक व्यूज के साथ वायरल हो रही है, उसमें अस्पताल के कॉरिडोर में कई बुजुर्ग लोग दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट में लिखा है, ‘चीन के अस्पताल ‘इन्फ्लूएंजा ए’ और ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ के प्रकोप से भरे हुए हैं, जो तीन साल पहले कोविड-19 के प्रकोप जैसा है’।

कोरोना वायरस कहां से आया?
कोविड़-19 यानी कोरोना वायरस के शुरुआती मामले चीनी शहर वुहान में स्थित हुनान बाजार से जुड़े हुए थे। महामारी की शुरुआत से ही वुहान को कोरोना वायरस के स्रोत के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन, जांच में कहा गया कि इस निष्कर्ष पर पहुंचने के कोई सबूत नहीं हैं कि इस जगह से ही कोरोना महामारी की उत्पत्ति हुई।