Report: Farahn khan
Agra Gang Rape Case आगरा में करीब 16 साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट ने फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अमित उर्फ पप्पू और कपिल गौतम को दोषमुक्त कर दिया। मामला वर्ष 2010 में थाना छत्ता क्षेत्र के जीवनी मंडी स्थित मयूर अपार्टमेंट का है, जहां एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे बंधक बनाने के आरोप लगाए गए थे।
फ्लैट दिखाने के बहाने ले जाने का था आरोप
Agra Gang Rape Case अभियोजन के अनुसार, महिला को फ्लैट दिखाने के बहाने मयूर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 114 में ले जाया गया था। वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया गया। महिला के कथित तौर पर फ्लैट से निकलने के प्रयास में छलांग लगाने और पैर में चोट लगने की बात भी सामने आई थी।
Agra Gang Rape Case इस मामले में थाना छत्ता में मुकदमा अपराध संख्या 265/2010 दर्ज किया गया था। आरोपों के आधार पर आईपीसी की धारा 354, 342 और 376 समेत एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
गवाहों के बयानों और साक्ष्यों में विरोधाभास पर मिला लाभ
Agra Gang Rape Case लंबी सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसके पति, चिकित्सकों और विवेचक समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों और एफआईआर में विरोधाभास का मुद्दा उठाया। अधिवक्ता अनुराग राठौर ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायालय ने मामले में तात्विक विरोधाभास पाए। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को विश्वसनीय और ठोस साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा। इसी आधार पर अदालत ने अमित उर्फ पप्पू और कपिल गौतम को दोषमुक्त कर दिया।


