Aaj Ka Panchang : 16 सितंबर 2026 को बुधवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी, जो सुबह करीब 8:59 बजे तक है। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन विशाखा नक्षत्र शाम करीब 5:22 बजे तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र लग जाएगा। 16 सितंबर को ऋषि पंचमी का व्रत भी रखा जाएगा।
Aaj Ka Panchang : 16 सितंबर 2026 का पंचांग
वार: बुधवार
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी सुबह 8:59 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
नक्षत्र: विशाखा शाम 5:22 बजे तक, फिर अनुराधा
योग: वैधृति दोपहर करीब 12:22 बजे तक, इसके बाद विष्कंभ
करण: बालव सुबह 8:59 बजे तक, फिर कौलव
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: सिंह
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: वर्षा
Aaj Ka Panchang : ऋषि पंचमी आज
16 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा और समर्पण से जुड़ा माना जाता है। पंचांग के अनुसार यह दिन भाद्रपद शुक्ल पंचमी का है।
Aaj Ka Panchang : सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
भोपाल के अनुसार 16 सितंबर को सूर्योदय सुबह करीब 6:07 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम करीब 6:23 बजे होगा। चंद्रमा का उदय लगभग 10:50 बजे और चंद्रास्त रात करीब 9:32 बजे होगा।
Aaj Ka Panchang : राहुकाल और अशुभ समय
16 सितंबर बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:15 बजे से 1:47 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्य या किसी नए महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।यमगंड सुबह 7:39 बजे से 9:11 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा।
Aaj Ka Panchang : आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:33 बजे से 5:20 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त करीब 11:50 बजे से 12:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 7:46 बजे से 9:31 बजे तक अमृत काल का समय बताया गया है।
Aaj Ka Panchang : 16 सितंबर के प्रमुख समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:33 से 5:20 बजे
सूर्योदय: सुबह 6:07 बजे
अमृत काल: सुबह 7:46 से 9:31 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:39 बजे
राहुकाल: दोपहर 12:15 से 1:47 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:23 बजे
चंद्रास्त: रात 9:32 बजे
Aaj Ka Panchang : 16 सितंबर का धार्मिक महत्व
भाद्रपद शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सप्तऋषियों का पूजन और व्रत करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु इस दिन शुद्धता, संयम और पूजा-पाठ के माध्यम से ऋषियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं।


