REPORT- DINESH GUPTA, BY- ISA AHMAD
अंबिकापुर/लखनपुर।
लखनपुर में दशहरा उत्सव इस बार भी परंपरा के मुताबिक एक दिन बाद मनाया जा रहा है। यह अनूठी परंपरा स्टेट जमाने से चली आ रही है। उस दौर में अंबिकापुर रियासत के महाराज पहले राजधानी में दशहरा समारोह में सम्मिलित होते थे और उसके बाद लखनपुर पहुंचते थे। इसी कारण से यहां दशहरा पर्व हमेशा एक दिन बाद आयोजित किया जाता है।
70 फीट ऊँचा रावण पुतला तैयार
रावण दहन समिति की ओर से इस बार भी साक्षरता मिनी स्टेडियम में 70 फीट ऊँचा रावण पुतला तैयार किया गया है। इस पुतले को स्थानीय कलाकारों ने विशेष मेहनत और कौशल से बनाया है।
आतिशबाजी और धूमधाम से होगा दहन
रावण दहन के साथ ही भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठेगा। दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
परंपरा और आस्था का संगम
लखनपुर का दशहरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम भी है। यहां का उत्सव हर साल लोगों में नई ऊर्जा और उमंग भर देता है।





