BY: MOHIT JAIN
नेपाल में ‘Gen-Z’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान देश भर की जेलों से भागे 14,558 कैदियों में से अब 7,735 कैदी अपने-अपने हिरासत केंद्रों में लौट आए हैं। सुरक्षा बलों ने कई कैदियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ ने स्वेच्छा से वापसी की।
हालांकि, अभी भी 6,813 कैदी फरार हैं और सरकार उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है। झड़प के दौरान दस कैदियों की मौत हो गई थी।
‘Gen-Z’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा

8 और 9 सितंबर को नेपाल में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष में कम से कम 75 लोग मारे गए। इस आंदोलन में शामिल पीढ़ी, जिन्हें Gen-Z कहा जाता है, 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की का बयान
नेपाल की कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि सरकार छात्रों समेत 74 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने देश के सभी वर्गों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव कराने में सहयोग की अपील की।
कार्की ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का संविधान संशोधन या शासन प्रणाली बदलने का जनादेश नहीं है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर निर्णय नई संसद ही संवैधानिक प्रक्रिया के तहत करेगी।
प्रधानमंत्री कार्की ने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार समाप्त करने और जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए काम कर रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का बयान
नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के पास मौजूद स्वचालित बंदूकों से ही गोली चली, और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ओली ने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और आगजनी में बड़ी संख्या में लोग मारे गए, और यह सुनकर उन्हें दुख हुआ।





