BY: MOHIT JAIN
नेपाल में हाल ही में सरकार विरोधी रैलियों और हिंसक प्रदर्शनों ने देश के पर्यटन उद्योग को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। यह प्रदर्शन उस समय शुरू हुए, जब देश का पर्यटन सबसे व्यस्त सीज़न में प्रवेश कर रहा था। काठमांडू के प्रमुख पर्यटन क्षेत्र थमेल की गलियों में दुकानें और रेस्टोरेंट फिर से खुल गए हैं, लेकिन पर्यटकों की कमी के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है।
पर्यटकों की संख्या में 30% गिरावट
नेपाल पर्यटन बोर्ड के CEO दीपक राज जोशी के अनुसार, इस बार पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 30% की गिरावट आई है।
- हर साल नेपाल में करीब 12 लाख पर्यटक आते हैं।
- हिंसा के कारण कई बुकिंग रद्द हो गई हैं, जिनकी दर 8-10% है।
- होटल और पर्यटन व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
राम चंद्र गिरी, जो ट्रेकिंग और जापानी रेस्टोरेंट चलाते हैं, ने कहा कि “मेरे 35% ग्राहकों ने अपनी ट्रिप कैंसिल कर दी। मैं खाली बैठा हूँ क्योंकि पर्यटक नहीं आ रहे।”
विदेशी चेतावनी और नुकसान
सरकार विरोधी हिंसा के दौरान संसद भवन और काठमांडू का प्रसिद्ध हिल्टन होटल भी क्षतिग्रस्त हो गया। कई विदेशी सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की, जिससे नेपाल यात्रा और कम हुई।
- सितंबर से दिसंबर माउंट एवरेस्ट ट्रेकिंग के लिए सबसे व्यस्त समय माना जाता है।
- कई होटल और ट्रेकिंग ऑपरेटरों की बुकिंग पूरी तरह से रद्द हो गई।
नई सरकार और शांति की उम्मीद
नेपाल में सुशीला कर्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद धीरे-धीरे शांति लौट रही है। हालांकि, काठमांडू के कई हिस्सों में अभी भी जले हुए वाहनों और इमारतों के मलबे साफ किए जा रहे हैं। पर्यटन अधिकारी और व्यवसायी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि हालात सामान्य होने पर पर्यटक फिर लौटेंगे।
नेपाल में पर्यटन देश की GDP में 8% योगदान करता है, इसलिए इस गिरावट का आर्थिक प्रभाव भी गहरा है। नए चुनाव 5 मार्च 2026 को होने हैं, जिसके बाद देश में स्थिरता और पर्यटन में तेजी की उम्मीद की जा रही है।





