BY: MOHIT JAIN
कांगो में एक बड़ा हादसा हुआ है। इक्वेटर प्रांत के बसानकुसू क्षेत्र में एक मोटरचालित नाव पलटने से कम से कम 86 लोगों की जान चली गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती जांच में नाव में ओवरलोडिंग और रात के समय नौवहन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
हादसे का पूरा विवरण
कांगो की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को इस हादसे की पुष्टि की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दुर्घटना उस समय हुई जब नाव में क्षमता से कहीं ज्यादा लोग सवार थे। हादसा इतना भयानक था कि बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलें आईं।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि नाव रात में यात्रा कर रही थी, जिससे दृश्यता कम होने के कारण हादसे की संभावना और बढ़ गई।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
कांगो में नाव हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में एक अन्य नाव हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग लापता हो गए थे। उस घटना में नाव में आग लगने के कारण स्थिति और भी भयावह हो गई थी।
कांगो में नदी परिवहन का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं।
हादसों के पीछे की वजहें
कांगो में नाव हादसों के पीछे मुख्य कारण ये माने जाते हैं:
- नावों में ओवरलोडिंग यानी क्षमता से ज्यादा लोगों का सवार होना।
- रात में नाव संचालन, जिससे दृश्यता कम हो जाती है।
- सड़क व्यवस्था खराब होने के कारण लोग नावों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।
- सुरक्षा मानकों की कमी और लापरवाही।
जरूरत है कड़े कदमों की
कांगो के कई हिस्सों में सड़कें खस्ताहाल हैं, जिससे लोगों को नावों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए सरकार को सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और नाव संचालकों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों का इंतजाम अनिवार्य करना जरूरी है।





