रिपोर्टर – लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम पेंड्रा में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही के चलते पुरुषोत्तम ध्रुव नामक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक को पाइल्स की समस्या थी और इलाज के लिए उन्होंने देवभोग ब्लॉक के अमलीपदर से आए संजू राजपूत और ओड़िसा बॉर्डर के कोमना गांव से बबलू टांडी नाम के झोलाछाप डॉक्टरों से संपर्क किया।
इलाज के नाम पर लिया गया 30 हजार रुपए का ठेका
बताया जाता है कि झोलाछाप डॉक्टरों ने 30 हजार रुपए में पुरुषोत्तम का इलाज करने का ठेका लिया। उन्होंने दो बार आकर इलाज किया और हर बार 10-10 हजार रुपए लिए।
तीसरे दिन हालत बिगड़ी, डॉक्टर फरार
शनिवार को तीसरी बार आने पर इलाज के बाद पुरुषोत्तम की हालत बिगड़ गई। झोलाछाप डॉक्टरों ने परिवार से कहा कि पेशेंट का इलाज कर दिया गया है, दवा असर कर रही है, उसे सोने दो, और बिना बाकी पैसे लिए वहां से चले गए।
शंका होने पर मृतक की बेटी लालिमा ने पिता को कमरे में देखा तो वह तड़प रहे थे। परिजन तुरंत उन्हें गरियाबंद जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इलाज को मौत का कारण बताया
डॉ. हरीश चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इलाज के दौरान हुए जख्म को ही मृत्यु का मुख्य कारण माना गया है।
पुलिस ने किया मर्ग कायम
एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने कहा कि मर्ग कायम कर लिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में आक्रोश
गांववासियों का कहना है कि अगर ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी और की जान भी खतरे में पड़ सकती है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे जिम्मेदारों से न्याय की मांग कर रहे हैं।





