BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर की साइबर पुलिस ने 9 साल से फरार चल रहे कॉल सेंटर ठग कुमार पिंटू सिंह को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। यह वही आरोपी है जिसने नौ साल पहले रिलायंस कंपनी का टावर लगाने का झांसा देकर 52 लाख 24 हजार 723 रुपए की ठगी की थी।
आरोपी की चालाकी
पूछताछ में पता चला कि कुमार पिंटू पुलिस से बचने के लिए एक प्रतिष्ठित अखाड़े में साधु बनकर रह रहा था। कुंभ मेले में भी वह साधु के भेष में पुलिसकर्मियों के साथ उठता-बैठता था। इसके अलावा वह दिल्ली से ठगी का कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड के फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखे थे।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर के एसपी प्रणय नागवंशी के अनुसार, आरोपी की लोकेशन का पता लगने के बाद डीएसपी संजिव नयन शर्मा और निरीक्षक मुकेश नारौलिया की टीम ने प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी को ग्वालियर लाया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।
ठगी का पूरा मामला
कुमार पिंटू ने नौ साल पहले शशांक स्वामी से रिलायंस टावर लगाने का झांसा देकर 52 लाख से अधिक की ठगी की थी। आरोपी पूर्व में बैंक कर्मचारी रह चुका था, जिससे उसे बैंक के लूप-होल और दस्तावेज़ तैयार करने की पूरी जानकारी थी। वह डाक्यूमेंट्स टेम्परिंग और फर्जी पहचान पत्र बनाने में माहिर था।
इस गैंग में बैंक कर्मचारी और अन्य लोग शामिल थे, जिनमें से पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि आरोपी ने लगातार पुलिस को चकमा देते हुए नौ साल तक फरार रहने में सफलता पाई।





