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‘जाति जनगणना के लिए इजाजत देने वाला RSS कौन है?’, संघ और BJP पर भड़के कांग्रेस के ये वरिष्ठ नेता

जातीय जनगणना को लेकर देश में जबरदस्त बवाल मचा है। विपक्ष के नेता जातीय जनगणना के पक्ष में हैं तो वही सत्ताधारी बीजेपी इसके खिलाफ है। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी पार्टियां राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए जातीय जनगणना के पक्ष में हैं वो जाति के आधार पर लोगों को बांटना चाहते हैं। बीते दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक यानी आरएसएस की ओर से कहा गया कि जातीय जनगणना होनी चाहिए लेकिन इसे सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए नहीं करवाया जाना चाहिए। आरएसएस द्वारा दिए गए इस बयान पर कांग्रेस की ओर से अब प्रतिक्रिया सामने आई है।

कांग्रेस नेता ने पूछे 5 सवाल

कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने आज सुबह अपने अधिकारिक एक्स हैंडल से एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने आरएसएस के जातीय जनगणना कराए जाने को लेकर पांच सवाल पूछे।

रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, जाति जनगणना को लेकर RSS की उपदेशात्मक बातों से कुछ बुनियादी सवाल उठते हैं:

  1. क्या RSS के पास जाति जनगणना पर निषेधाधिकार है?
  2. जाति जनगणना के लिए इजाजत देने वाला RSS कौन है?
  3. RSS का क्या मतलब है जब वह कहता है कि चुनाव प्रचार के लिए जाति जनगणना का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए? क्या यह जज या अंपायर बनना है?
  4. RSS ने दलितों, आदिवासियों और OBC के लिए आरक्षण पर 50% की सीमा को हटाने के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता पर रहस्यमई चुप्पी क्यों साध रखी है?
  5. अब जब RSS ने हरी झंडी दिखा दी है तब क्या नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री कांग्रेस की एक और गारंटी को हाईजैक करेंगे और जाति जनगणना कराएंगे?

खड़गे ने भी उठाए थे सवाल

बीते दिन ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आरएसएस से पूछा था कि वो जातीय जनगणना को लेकर पक्षधर हैं या नहीं, स्पष्ट करना चाहिए। खड़गे ने एक्स पर लिखा था, RSS स्पष्ट रूप से देश को बताएं कि वो जातिगत जनगणना के पक्ष में है या विरोध में है? देश के संविधान के बजाय मनुस्मृति के पक्ष में होने वाले संघ परिवार को क्या दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग व ग़रीब-वंचित समाज की भागीदारी की चिंता है या नहीं?