“श्रीपेरंबदूर ब्लास्ट: एक पल जिसने देश की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए”

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1991 के चुनाव प्रचार के दौरान राजीव गांधी

घटना की भयावह शुरुआत (21 मई 1991)

21 मई 1991 की रात, तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी। यह हमला इतना सुनियोजित था कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को शक तक नहीं हुआ।

कैसे हुआ हमला?

  • राजीव गांधी रैली स्थल पर पहुँचे और भीड़ से मिलने लगे।
  • एक युवती (धनु) ने उनके पैर छुए और चंदन की माला पहनाई।
  • जैसे ही वह झुकी, उसने अपनी बेल्ट में लगे बम को सक्रिय कर दिया।
  • भीषण विस्फोट में राजीव गांधी सहित 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

जाँच की शुरुआत: कौन थे जिम्मेदार?

तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने CBI, IB और RAW की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। जाँच की कमान डीआर कार्तिकेयन को सौंपी गई, जिन्होंने SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई।

जाँच टीम के प्रमुख सदस्य:

  1. राधा विनोद राजू – आतंकवादियों की मानसिकता के विशेषज्ञ।
  2. अमोद कांत – इंदिरा गांधी हत्या केस की जाँच कर चुके थे।
  3. अमित वर्मा – तमिलनाडु कैडर के IPS अधिकारी।
  4. के. राघोत्तमन – CBI अधिकारी, जिन्हें खतरनाक अपराधियों से पूछताछ का अनुभव था।
  5. ए.के. रविंद्रन – कमांडो ऑपरेशन में माहिर।

रहस्यमयी सुराग: कैसे पकड़े गए आरोपी?

1. कैमरे से मिली तस्वीर

  • घटनास्थल से शिनॉन कैमरा बरामद हुआ, जिसमें हमलावर धनु की तस्वीर थी।
  • यह तस्वीर द हिंदू अखबार में छपी, जिससे जाँच को नई दिशा मिली।

2. LTTE का संबंध

  • राजीव गांधी ने 1987 में श्रीलंका में IPKF (भारतीय शांति सेना) भेजी थी, जिससे LTTE नाराज था।
  • प्रभाकरण (LTTE प्रमुख) ने राजीव गांधी को अपना दुश्मन माना।

3. साइनाइड कैप्सूल

  • LTTE के आतंकवादी गले में साइनाइड की गोली रखते थे, ताकि पकड़े जाने पर आत्महत्या कर सकें।
  • शिवरासन (मास्टरमाइंड) ने पुलिस घेराव के दौरान साइनाइड खाकर जान दे दी

मुख्य आरोपी: कौन थे हत्यारे?

1. शिवरासन (एक आँख वाला कमांडर)

  • LTTE का खतरनाक आतंकवादी, जिसने पूरी साजिश रची।
  • 20 अगस्त 1991 को पुलिस ने उसे घेर लिया, लेकिन उसने साइनाइड खाकर आत्महत्या कर ली।

2. नलिनी (भारतीय महिला जिसने LTTE की मदद की)

  • उसने हमलावर धनु को छिपने में मदद की।
  • 1998 में फाँसी की सजा, बाद में उम्रकैद में बदली गई।

3. पेरारिवलन (बम बनाने वाला इंजीनियर)

  • उसने धनु के बेल्ट में लगा आरडीएक्स बम तैयार किया।
  • 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया

जाँच का अंत: क्या मिला इंसाफ?

  • 26 आरोपियों पर मुकदमा चला, जिनमें से 4 को फाँसी हुई।
  • 2018 में तमिलनाडु सरकार ने 7 दोषियों की रिहाई की सिफारिश की।
  • प्रियंका गांधी ने 2008 में जेल में नलिनी से मुलाकात की और माफी देने की बात कही।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. राजीव गांधी को क्यों मारा गया?

LTTE ने श्रीलंका में IPKF भेजने के फैसले को अपने खिलाफ माना और बदला लिया।

2. हत्यारी धनु कौन थी?

एक LTTE आत्मघाती हमलावर, जिसने खुद को बम से उड़ा लिया।

3. क्या सुरक्षा में चूक हुई?

हाँ, महिला सुरक्षाकर्मी की कमी और भीड़ नियंत्रण का अभाव मुख्य कारण थे।


निष्कर्ष: एक दर्दनाक अध्याय

राजीव गांधी की हत्या ने भारतीय राजनीति को हिला दिया। यह केस आतंकवाद, सुरक्षा चूक और राजनीतिक बदले की कहानी है। आज भी यह भारत के सबसे बड़े सुरक्षा संकटों में गिना जाता है।

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