भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को कड़ा संदेश दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि अगर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य है कि उपभोक्ताओं को खरीदी गई खाद्य वस्तुओं की एक्सपायरी डेट और ‘यूज़ बाय’ डेट पूरी पारदर्शिता के साथ दिखाई दे।
क्या-क्या आदेश दिए FSSAI ने?
FSSAI ने ई-कॉमर्स कंपनियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर को हर बिल, कैश मेमो और रसीद पर साफ-साफ दर्शाना अनिवार्य होगा।
- सभी दस्तावेजों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप की जानकारी देना भी जरूरी होगा ताकि ग्राहक सीधे शिकायत कर सकें।
- सभी खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी डेट या यूज़ बाय डेट को स्पष्ट और नजर आने योग्य स्थान पर दिखाया जाए।
CEO की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
यह आदेश मंगलवार को FSSAI के CEO की अध्यक्षता में हुई बैठक में जारी किया गया, जिसमें देश की 70 से अधिक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य फोकस उपभोक्ता सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने पर था।
नो पाम ऑयल’ लेबल है भ्रामक: IFBA
भारतीय फूड एंड बेवरेज असोसिएशन (IFBA) ने ‘No Palm Oil’ जैसे लेबल को भ्रामक और एक मार्केटिंग रणनीति बताया है। IFBA का कहना है कि:
- इस प्रकार के लेबल उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं।
- पाम ऑयल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताने का वैज्ञानिक आधार नहीं है।
- यह लेबल बाजार में गलत धारणा बना रहा है, जिससे अन्य प्रोडक्ट्स को लाभ मिल रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
- खाद्य उत्पाद खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
- यदि कोई उत्पाद बिना एक्सपायरी डेट या फूड सेफ्टी ऐप की जानकारी के बेचा जा रहा है, तो उसकी शिकायत करें।
- ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप का उपयोग कर आप फूड से जुड़ी समस्याओं की सीधे रिपोर्ट कर सकते हैं।
FSSAI का यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा और ई-कॉमर्स सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। अब कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे खाद्य उत्पादों पर आवश्यक सभी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। इससे न केवल ग्राहक जागरूक होंगे, बल्कि उन्हें सुरक्षित और गुणवत्ता पूर्ण उत्पाद भी मिलेंगे।





