Aaj Ka Panchang: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, व्रत और इस दिन का धार्मिक महत्व

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Aaj Ka Panchang: 26 मई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, दान और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण बना रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं 26 मई 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ समय और पूजा-व्रत से जुड़ी जरूरी बातें।

26 मई 2026 को क्या खास है?

26 मई 2026 को मंगलवार के दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जो सुबह 5:12 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। ऐसे में इस दिन हनुमान जी की पूजा, सुंदरकांड पाठ और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लेकर आते हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है।

पंचांग विवरण

26 मई 2026 के पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ योगों के साथ होगी। तिथि, नक्षत्र और योग का प्रभाव धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों पर विशेष माना जाता है।

  • तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी – सुबह 5:12 AM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: हस्त – सुबह 5:57 AM तक
  • योग: सिद्धि – सुबह 3:10 AM तक
  • करण: गर – सुबह 5:11 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ और अशुभ समय

यदि आप 26 मई को कोई शुभ कार्य, पूजा या नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है। वहीं राहुकाल और यमघण्ट जैसे अशुभ समय में नए कार्यों से बचना बेहतर माना जाता है।

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:23 PM
  • राहुकाल: 3:19 PM से 5:01 PM
  • गुलिक काल: 11:56 AM से 1:37 PM
  • यमघण्ट काल: 8:33 AM से 10:14 AM

सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी जानकारी

पंचांग में सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय भी विशेष महत्व रखता है। धार्मिक कार्यों और व्रत-पूजन में इनका ध्यान रखा जाता है।

  • सूर्योदय: 5:10 AM
  • सूर्यास्त: 6:42 PM
  • चंद्रोदय: 2:26 PM
  • चंद्रास्त: 1:45 AM

पूजा और व्रत की विधि

मंगलवार के दिन भगवान हनुमान और भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। मंदिर जाकर दीपक जलाना और प्रसाद अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को लाल वस्त्र, मसूर दाल, गुड़ या अन्य वस्तुओं का दान करने से मंगल दोष शांत होने की मान्यता है।

दिनभर संयमित व्यवहार, सकारात्मक सोच और धार्मिक कार्यों में रुचि रखने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है।

धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह दिन?

ज्येष्ठ मास की शुक्ल दशमी और मंगलवार का संयोग धार्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग के कारण यह दिन पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा के साथ हनुमान जी की आराधना करने से भय, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। वहीं दान-पुण्य करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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