US ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई लगातार 11वीं रात भी जारी रखी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इस अभियान के दौरान ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, संचालन केंद्रों, समुद्री सैन्य क्षमताओं, विमान हैंगरों, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और सैन्य रसद से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
US: CENTCOM ने अभियान पूरा होने की दी जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 21 जुलाई की रात 8:15 बजे यह सैन्य अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। CENTCOM के मुताबिक यह ईरान के खिलाफ लगातार 11वीं शाम की कार्रवाई थी, जिसमें कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 22, 2026
अमेरिका का दावा है कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को सीमित करना था, जिनसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को खतरा पैदा हो सकता है।
US: अमेरिका का दावा- तीन महीनों में 30 से ज्यादा जहाजों पर हुए हमले
CENTCOM ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों के दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले 30 से अधिक कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेना ने इन घटनाओं को बिना किसी उचित कारण के की गई कार्रवाई बताया।
अमेरिका के अनुसार इन हमलों से सैकड़ों नागरिक नाविकों की सुरक्षा प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर भी असर पड़ा। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और वहां हुई घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
US: होर्मुज से 900 जहाजों के सुरक्षित गुजरने का दावा
CENTCOM ने कहा कि ईरानी गतिविधियों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला हुआ है। अमेरिकी सेना के अनुसार मई की शुरुआत से अब तक उसने लगभग 900 व्यावसायिक जहाजों को इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने में सहायता प्रदान की है।
अमेरिका का यह भी दावा है कि इन जहाजों के जरिए करीब 45 करोड़ बैरल कच्चे तेल का परिवहन किया गया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
US: ईरान के कई इलाकों में हवाई हमलों की रिपोर्ट
दूसरी ओर, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने बताया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद देश के कई हिस्सों में हवाई हमले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के अनुसार इलाम प्रांत के चावर और अबदानान क्षेत्रों में हमले हुए।
अबदानान के गवर्नर ने भी पुष्टि की कि जिले के दीनारकोह इलाके को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
US: कुर्दिस्तान, हमदान और खुजेस्तान में भी हमलों की जानकारी
IRIB की रिपोर्ट के मुताबिक कुर्दिस्तान प्रांत के बनेह शहर के बाहरी क्षेत्र में भी हमला हुआ, जिसे सरकारी मीडिया ने दुश्मन की कार्रवाई बताया। वहीं हमदान प्रांत के अधिकारियों ने कहा कि कबूदर आहंग काउंटी भी अमेरिकी हमलों की चपेट में आई।
इसके अलावा खुजेस्तान प्रांत के माहशहर और पूर्वी अजरबैजान प्रांत के तबरीज शहर में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी दी गई। दक्षिण-पूर्वी ईरान के चाबहार इलाके में भी कई धमाकों की सूचना मिली, जहां कुछ समय तक लड़ाकू विमानों की गतिविधियां देखी गईं।
US: बेहबहान और ओमीदियेह के आसपास भी मिसाइल हमलों का दावा
ईरानी सरकारी मीडिया ने खुजेस्तान के उपराज्यपाल के हवाले से बताया कि बेहबहान और ओमीदियेह शहरों के आसपास के क्षेत्रों में भी मिसाइल हमले किए गए। विभिन्न प्रांतों में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।





