CJP: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा सार्थक होनी चाहिए और इस बार समय व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर भी हो सकती है।
CJP: सरकार से बातचीत के लिए तैयार होने का दावा
जंतर-मंतर पर मीडिया से बातचीत करते हुए CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की ओर से संवाद स्थापित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि संगठन बातचीत के पक्ष में है और यदि कोई उपयुक्त स्थान तय किया जाता है तो प्रतिनिधिमंडल वहां भी चर्चा के लिए तैयार रहेगा।
रांका के अनुसार आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है और बातचीत उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
CJP: प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन बनाए रखने की अपील
आशुतोष रांका ने प्रदर्शन में शामिल लोगों से अपील की कि आंदोलन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रहे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान केवल निर्धारित नारों का ही इस्तेमाल किया जाए और किसी भी तरह के भड़काऊ या नकारात्मक नारेबाजी से बचा जाए।
VIDEO | Delhi: “'Bharat Mata ki Jai', 'Inquilab Zindabad', 'Jai Bheem' and 'Dharmendra Pradhan Istifa do', stick to these four slogans only; They are looking to make narrative, we will not tolerate any negative slogans”, says CJP spokesperson Ashutosh Ranka at Jantar Mantar.… pic.twitter.com/iXiwF6odJD
— Press Trust of India (@PTI_News) July 22, 2026
उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी ऐसे प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा जिससे आंदोलन की छवि प्रभावित हो या उसके उद्देश्य से ध्यान भटके।
CJP: पहले भी सरकार को दी थी चेतावनी
इससे पहले आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर के युवा व्यापक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हुआ प्रदर्शन केवल शुरुआत थी और यदि समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
CJP: 20 जुलाई के मार्च को बताया शांतिपूर्ण
रांका ने दावा किया कि 20 जुलाई को आयोजित मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं।
उनका आरोप था कि छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद ही स्थिति बिगड़ी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल युवा महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं।
CJP: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर रखी मांग
CJP प्रवक्ता ने कहा कि आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और भविष्य में संभावित एफआईआर को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता।
उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज न करने की गारंटी दी जाए। उनका कहना था कि आंदोलनकारी अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे और किसी भी कानूनी कार्रवाई के डर से पीछे नहीं हटेंगे।
CJP: सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील
आशुतोष रांका ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं से जुड़ा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे छात्रों की मांगों के समर्थन में आगे आएं।
उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना राष्ट्रीय महत्व का विषय है, इसलिए सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
CJP: आंदोलन पर बनी हुई है सभी की नजर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी यह विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि सरकार की ओर से बातचीत की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संवाद के जरिए कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।





