BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता डॉ. शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से तारीफ की है, जिससे कांग्रेस पार्टी के भीतर असहजता का माहौल बन गया है। अंग्रेजी अख़बार ‘द हिंदू’ में लिखे गए अपने लेख में थरूर ने पीएम मोदी की ऊर्जा, वैश्विक स्तर पर संवाद की क्षमता और प्रभावी व्यक्तित्व को भारत के लिए “प्राइम एसेट” यानी महत्वपूर्ण पूंजी बताया है।
क्या कहा थरूर ने?
शशि थरूर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में लिखे लेख में कहा कि पीएम मोदी की वैश्विक स्तर पर मौजूदगी, संवाद शैली और बहुआयामी व्यक्तित्व ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सशक्त स्वरूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने लिखा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा, संवाद की तत्परता और उनका व्यक्तित्व वैश्विक मंच पर भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण संपत्ति है, लेकिन इसे और व्यापक समर्थन की आवश्यकता है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और थरूर की भूमिका
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सशक्त सैन्य और कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी। इस दौरान शशि थरूर अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने और अमेरिका समेत कई देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा।
थरूर ने इस संदर्भ में कहा:
“तत्काल सैन्य कार्रवाई महत्वपूर्ण थी, लेकिन उसके बाद का कूटनीतिक संवाद भी वैश्विक समर्थन जुटाने में उतना ही जरूरी साबित हुआ।”
कांग्रेस के लिए मुश्किल?
शशि थरूर के इस बयान से कांग्रेस के भीतर असहजता की स्थिति बन गई है। पार्टी जहां एक ओर विदेश नीति को लेकर मोदी सरकार पर लगातार सवाल उठाती रही है, वहीं थरूर जैसे वरिष्ठ नेता का प्रधानमंत्री की खुलेआम तारीफ करना पार्टी लाइन से हटकर माना जा रहा है।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की हो। पूर्व में भी वह मोदी की वैश्विक कूटनीति और भाषण कला को प्रभावशाली बता चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि थरूर के इस बयान से कांग्रेस के भीतर मतभेद और गहरे हो सकते हैं। कुछ का मानना है कि शशि थरूर खुद को कांग्रेस के उदारवादी चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जो वैश्विक मंचों पर अधिक स्वीकार्य हो। वहीं, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि थरूर की ऐसी टिप्पणियां भविष्य की किसी रणनीति या भूमिका का संकेत हो सकती हैं।





