ग्वालियर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले पांच सालों से फरार था और पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। पीड़िता की शिकायत पर वर्ष 2020 में मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी।
पीड़िता से दोस्ती कर किया भरोसे का फायदा
कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 में आरती शर्मा नामक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उसकी जान-पहचान ऋषि पालीवाल नामक युवक से हुई थी, जिसने खुद को प्रभावशाली बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
- पीड़िता ने भरोसा कर आरोपी को ₹3 लाख दे दिए।
- पैसे लेने के बाद आरोपी ने लगातार टालमटोल शुरू कर दी।
- नौकरी नहीं मिली, तो जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे, आरोपी गायब हो गया।
FIR दर्ज होते ही हुआ फरार
- जब काफी समय तक पीड़िता को कोई समाधान नहीं मिला, तब उसने कोतवाली थाने में शिकायत की।
- शिकायत पर मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया।
- पुलिस को पता चला कि आरोपी किराए के मकान में रहता था और मूल रूप से कैलारस का रहने वाला है।
- वहां पहुंचने पर वह वहां से भी गायब मिला।
दो दिन की निगरानी के बाद पकड़ा गया आरोपी
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कैलारस आया हुआ है। इस पर कोतवाली थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाई।
- एसआई बनवारी लाल मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो दिन की निगरानी की।
- अंततः आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
- उसे पकड़कर ग्वालियर लाया गया और पूछताछ शुरू की गई।
अन्य पीड़ितों के सामने आने की संभावना
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने और भी लोगों को ठगा हो सकता है। अब जब वह पकड़ा गया है, तो हो सकता है कि अन्य पीड़ित भी सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं।
सीएसपी लश्कर मनीष यादव ने बताया कि,
“कोतवाली थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ जारी है।”
यह घटना एक बार फिर से लोगों को सतर्क करती है कि किसी के झांसे में आकर बिना जांच-पड़ताल के पैसा न दें। पुलिस की सख्ती से ऐसे अपराधियों को पकड़ने में मदद मिल रही है, लेकिन नागरिकों को भी जागरूक रहना जरूरी है।





