Hormuz Strait Crisis: पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने का बड़ा फैसला लिया। उनके आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। यह नाकेबंदी सोमवार से लागू हुई, जिसका उद्देश्य ईरान के समुद्री व्यापार को सीमित करना बताया गया।
Hormuz Strait Crisis: नाकेबंदी के बावजूद जहाजों की आवाजाही जारी
हालांकि अमेरिकी दावों के विपरीत, समुद्री यातायात से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि यह नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी नहीं रही। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग एजेंसियों के डेटा के अनुसार, ईरान से जुड़े कई जहाज बिना किसी बाधा के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते देखे गए। नाकेबंदी के पहले ही दिन कम से कम पांच जहाज इस क्षेत्र को पार करने में सफल रहे।
Hormuz Strait Crisis: प्रतिबंधित टैंकर भी नहीं रोके जा सके
इन पांच जहाजों में तीन ऐसे टैंकर शामिल थे, जिन पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं। इसके बावजूद अमेरिकी नौसेना उन्हें रोकने में असफल रही। यह घटनाक्रम अमेरिका की रणनीति और उसकी समुद्री निगरानी क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
Hormuz Strait Crisis: रॉयटर्स और बीबीसी के डेटा में खुलासा
रॉयटर्स और बीबीसी ने कपलर, एलएसईजी और मैरीन ट्रैफिक जैसी एजेंसियों के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि नाकेबंदी के बाद भी कई ब्लैकलिस्टेड जहाज होर्मुज से गुजरते रहे। एलएसईजी के अनुसार, पनामा के झंडे वाला मध्यम श्रेणी का टैंकर “पीस गल्फ” संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया बंदरगाह की ओर गया। यह जहाज ईरानी नेफ्था को एशियाई बाजारों तक पहुंचाने में उपयोग होता है।
Hormuz Strait Crisis: भारी सैन्य तैनाती के बावजूद चुनौती
इस नाकेबंदी को लागू करने के लिए अमेरिका ने लगभग 10,000 नाविकों, मरीन और वायुसैनिकों को तैनात किया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक युद्धपोत और विमान भी ऑपरेशन में शामिल हैं। शुरुआती 24 घंटों में कुछ जहाजों को रोका गया और छह व्यापारिक जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए गए, जिनका उन्होंने पालन भी किया।
Hormuz Strait Crisis: ब्लैकलिस्टेड जहाजों की आवाजाही जारी
कपलर के डेटा के मुताबिक, मेडागास्कर का झंडा लगाए “मुरलीकिशन” नाम का टैंकर इराक की ओर बढ़ा। यह जहाज पहले रूसी और ईरानी तेल के परिवहन में शामिल रहा है और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित है।
इसी तरह लाइबेरिया का टैंकर “एल्पिस”, जो ईरान के बुशेहर बंदरगाह से रवाना हुआ था, भी बिना रोके जलडमरूमध्य पार कर गया।
Hormuz Strait Crisis: चीनी टैंकर भी बेधड़क गुजरा
चीन के स्वामित्व वाला और मलावी के झंडे वाला “रिच स्टारी” नामक टैंकर भी इस क्षेत्र से होकर गुजरा। यह जहाज करीब 2,50,000 बैरल मेथनॉल लेकर जा रहा था। इस पर और इसकी मालिक कंपनी पर पहले ही अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं, फिर भी इसे रोका नहीं गया।
Hormuz Strait Crisis: बल्क कैरियर ने भी पार किया जलडमरूमध्य
इन टैंकरों के अलावा “क्रिश्चियाना” नामक एक बल्क कैरियर भी होर्मुज से गुजरने में सफल रहा। लाइबेरिया के झंडे वाला यह जहाज ईरान के बंदर इमाम खुमैनी पोर्ट पर रुक चुका था और नाकेबंदी के बाद भी बिना किसी बाधा के आगे बढ़ गया।
Hormuz Strait Crisis: अमेरिकी नेवी की क्षमता पर उठे सवाल
बीबीसी और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि ये जहाज किस तरह से नाकेबंदी को पार करने में सफल रहे। लेकिन इतना साफ है कि कम से कम पांच जहाजों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार किया।
यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी नौसेना को दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना बताते रहे हैं, लेकिन इस ऑपरेशन में उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।





