रिपोर्ट: उमेश डहरिया, कोरबा
कोरबा, 28 मई — छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में बांगो क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने आज कलेक्टरेट कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई रोकने, बांगो जलाशय में स्थानीय मछुआरों को अधिकार देने, तथा एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले रोजगार और पुनर्वास की मांगों को लेकर दिया गया।
मांगों की प्रमुख बिंदु:
हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक:
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है, बल्कि यहां की जैवविविधता और आदिवासी जीवनशैली भी इससे सीधा जुड़ी हुई है। पेड़ों की कटाई से न केवल प्राकृतिक संसाधन नष्ट हो रहे हैं, बल्कि हजारों ग्रामीणों की आजीविका भी खतरे में है।
स्थानीय मछुआरों को बांगो जलाशय में मछली पकड़ने का अधिकार:
स्थानीय मछुआरे पीढ़ियों से इस जलाशय में मछली पकड़कर जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन निजी ठेकेदारों को अधिकार देने से उनका पारंपरिक व्यवसाय छिनता जा रहा है। किसान सभा ने मांग की है कि मछली पालन का अधिकार स्थानीय मछुआरा समितियों को दिया जाए।
एसईसीएल से रोजगार और पुनर्वास:
एसईसीएल (SECL) द्वारा जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, उन्हें अब तक उचित रोजगार या पुनर्वास नहीं मिला है। किसान सभा ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को स्थायी रोजगार, वैकल्पिक भूमि और सुरक्षित बसाहट उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन से उम्मीद
किसान सभा ने बताया कि ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य प्रशासन को इन ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराना और त्वरित समाधान की दिशा में ठोस पहल की मांग करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
स्थानीय विकास की कुंजी
छत्तीसगढ़ किसान सभा और ग्रामीणों का मानना है कि यदि इन मांगों को स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह न केवल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा, बल्कि इससे हजारों स्थानीय परिवारों को राहत मिलेगी और पारंपरिक आजीविका को संरक्षण मिलेगा।





