भारत ने बार-बार अपने संप्रभु अधिकारों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पनामा सिटी पहुँचा, जहाँ उन्होंने भारत की आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर जोर दिया। पनामा विधानसभा की अध्यक्ष डाना कास्टानेडा के साथ बैठक में थरूर ने हाल के पहलगाम आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील की।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भारत के नेता आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। थरूर ने कहा:
“हम सभी अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि और भारत के विभिन्न हिस्सों से हैं, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय उद्देश्य में हम सब एकजुट हैं।”
उन्होंने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की कार्रवाई का इंतजार किया, लेकिन जब कोई कदम नहीं उठा, तो भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की।
भारत की सटीक कार्रवाई
सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर गहरे हमलों तक
- उरी सर्जिकल स्ट्राइक (2015): पहली बार नियंत्रण रेखा को पार कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- पुलवामा हमला (2019): नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर आतंकी कैंपों पर हमला किया गया।
- ऑपरेशन सिंदूर (2025): पाकिस्तान के पंजाबी क्षेत्र समेत नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
थरूर ने बताया कि अब आतंकवादी समझ गए हैं कि उनकी हरकतों की भारी कीमत चुकानी होगी।
पाकिस्तान की बार-बार की हरकतें
थरूर ने स्पष्ट किया:
“पाकिस्तान बार-बार हमें नुकसान पहुंचाता रहा है, वह भारत के संप्रभु क्षेत्रों पर कब्जा चाहता है, लेकिन हम अपनी जमीन एक इंच भी नहीं छोड़ेंगे।”
उन्होंने 2008 मुंबई हमले जैसे आतंकवादी घटनाओं में पाकिस्तान के कनेक्शन का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों को अभी तक कोई सजा नहीं मिली।
वैश्विक सहयोग की अपील
थरूर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की:
- केवल सहानुभूति व्यक्त न करें।
- आतंकवादियों की पहचान कर उन्हें मुकदमा चलाएं।
- भारत जैसे आतंकवाद के शिकार देशों का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि भारत ने दशकों से आतंकवाद की चोट सहन की है, अब कार्रवाई की जरूरत है।
पनामा का समर्थन और भारत की यात्रा
पनामा की अध्यक्ष डाना कास्टानेडा ने आतंकवाद विरोधी कड़े कानूनों का भरोसा दिलाया।
थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों का यह तीन दिवसीय दौरा (27-29 मई 2025) पनामा में भारत के मजबूत संदेश और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने का अवसर है।
मुख्य बातें
- भारत की आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता नीति।
- आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक और कड़ी कार्रवाई।
- पाकिस्तान की आतंकवाद में लगातार भूमिका।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की जरूरत।
- भारत की राजनीतिक एकता से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत।
निष्कर्ष
पनामा में शशि थरूर का प्रतिनिधिमंडल सिर्फ कूटनीतिक मिशन नहीं, बल्कि दुनिया को आतंकवाद की गंभीरता और उससे लड़ने के लिए भारत के संकल्प का संदेश है। भारत की स्पष्ट नीति और एकजुट राजनीतिक दृष्टिकोण से यह साफ है कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।





