आज (25 अप्रैल, 2025) भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 300 अंक से अधिक गिरकर 23,944 के स्तर पर पहुँच गया। यह गिरावट तब हुई, जबकि बाजार सुबह हरे निशान (गेन) के साथ खुला था।
मुख्य कारण क्या हैं?
- भारत-पाकिस्तान तनाव का असर
- हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
- निवेशकों को डर है कि अगर भारत की सरकार कड़ी कार्रवाई करती है, तो इसका आर्थिक असर पड़ सकता है।
- लाभ बुकिंग (Profit Booking)
- पिछले कुछ हफ्तों में बाजार लगातार ऊपर चढ़ रहा था। निफ्टी 22,000 से बढ़कर 24,400 तक पहुँच चुका था।
- ऐतिहासिक रूप से, जब बाजार बहुत तेजी से बढ़ता है, तो निवेशक मुनाफा कमाने के लिए शेयर बेचने लगते हैं।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट
- निफ्टी मिडकैप 100 में 2.85% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.30% की गिरावट आई।
- यह दिखाता है कि छोटे और मध्यम कंपनियों के शेयरों में ज्यादा बिकवाली हुई।
- सभी सेक्टर लाल निशान में
- मीडिया, PSU बैंक, रियल्टी और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर में 2.5% से 3.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
- केवल IT सेक्टर में कम नुकसान हुआ, जहाँ 0.45% की गिरावट रही।
- भारतीय वॉलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) में उछाल
- इंडिया VIX, जो बाजार के डर को मापता है, 6.46% बढ़ गया। यह दिखाता है कि निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय
- क्रांति भाटिनी (वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज) के अनुसार, “जब तक भारत-पाकिस्तान तनाव का असर साफ नहीं होता, निवेशकों को नकदी (cash) में रहना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक डिप पर खरीदारी कर सकते हैं।”
- डॉ. वीके विजयकुमार (जियोजिट फाइनेंशियल सर्विसेज) का कहना है कि “आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया और उसके परिणामों को लेकर अनिश्चितता बाजार के लिए चिंता का विषय है।”
क्या करें निवेशक?
- अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है।
- अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं, तो जोखिम कम करने के लिए स्टॉप-लॉस का उपयोग करें।
- सेक्टर और कंपनियों के मूलभूत विश्लेषण (fundamental analysis) पर ध्यान दें।
नोट: यह लेख सिर्फ सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।





