अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस आज सुबह 10 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। यह किसी अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पिछले 12 साल में पहला भारत दौरा है, और इसे लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में काफी उत्सुकता है। वेंस अपनी पत्नी उषा चिलुकुरी, तीन बच्चों और एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आ रहे हैं।
क्या होगा खास?
- मोदी-वेंस डिनर: आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आवास पर वेंस के सम्मान में डिनर देंगे। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच “TRUST पार्टनरशिप” (पहले iCET के नाम से जाना जाता था) को लॉन्च किया जा सकता है, जो तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
- जयपुर में भाषण: 22 अप्रैल को वेंस राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में एक भाषण देंगे, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों पर उनकी नीतिगत सोच सामने आएगी। वेंस पहले भी अपने तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं, इसलिए यह भाषण काफी अहम माना जा रहा है।
- आगरा और जयपुर का दौरा: वेंस परिवार के साथ ताजमहल देखने आगरा जाएंगे और फिर जयपुर में स्थानीय संस्कृति का आनंद लेंगे।
विरोध और सवाल
- किसान संगठनों का विरोध: अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने वेंस के दौरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। उनका आरोप है कि अमेरिकी नीतियां भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ हैं।
- कांग्रेस की चिंताएं: कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि क्या पीएम मोदी वेंस के सामने अमेरिका द्वारा भारतीय नागरिकों के “डिपोर्टेशन” और WTO जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रति अमेरिकी रवैये पर चिंता जताएंगे।
दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद
वेंस के दौरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मॉक ड्रिल्स की गई हैं और ट्रैफिक व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाएगा।
क्यों अहम है यह दौरा?
- यह ट्रंप प्रशासन के बाद किसी अमेरिकी उपराष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा है।
- वेंस की छवि एक “टफ-टॉकिंग” नेता की है, जो अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देते हैं। भारत के साथ उनकी नीति क्या होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
- TRUST पार्टनरशिप जैसे समझौते भविष्य में दोनों देशों के बीच तकनीकी और रक्षा सहयोग को नई गति दे सकते हैं।
निष्कर्ष: वेंस का यह दौरा न सिर्फ भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करेगा, बल्कि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या वेंस अपने “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडे के बीच भारत के साथ संतुलन बना पाते हैं।
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