SC की सुनवाई में हिंदू पक्ष के साथ भेदभाव हो रहा है क्या ? वक्फ केसों की सीधी सुनवाई हो रही है ?

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Vishnu Shankar Jain Questions SC’s ‘Bias’ in Hearing Waqf Cases Over Hindu Temple Petitions

वक्फ मामलों में SC की दोहरी नीति पर विष्णु शंकर जैन का सवाल

BY: Vijay Nandan

नई दिल्ली: एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने वक्फ बोर्ड और हिंदू मंदिरों के अधिग्रहण से जुड़े मामलों को लेकर न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहां हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने न तो सुनवाई दी और न ही कोई अंतरिम राहत, वहीं अन्य पक्षों की याचिकाओं को न केवल सुना गया, बल्कि अंतरिम आदेश पर भी विचार किया गया।

जैन ने कहा, “जब हमने वक्फ बोर्ड से संबंधित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की, तो कोर्ट ने हमसे पूछा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए? उन्होंने हमें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। लेकिन अब तक अलग-अलग हाईकोर्ट्स में 140 से अधिक याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं और हमें अब तक कोई अंतरिम राहत नहीं मिली।”

उन्होंने सवाल उठाया, “फिर यह दोहरा मापदंड क्यों? एक पक्ष की याचिका तुरंत सुनी जाती है, और हमारे साथ ऐसा व्यवहार क्यों?”

विष्णु शंकर जैन ने यह भी बताया कि पिछले 13 वर्षों से चार राज्यों के हिंदू मंदिरों के अधिग्रहण से जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए मामले हाईकोर्ट भेज दिए कि “ऐसे मामलों की सुनवाई हम क्यों करें?”

उन्होंने मांग की कि वक्फ संशोधन अधिनियम से संबंधित सभी याचिकाएं एक ही हाईकोर्ट में ट्रांसफर की जाएं और एक संविधान पीठ (Constitutional Bench) का गठन किया जाए, जो छह महीने की समयसीमा में इन पर सुनवाई पूरी करे।

जैन की इस टिप्पणी से न्यायिक पारदर्शिता और धार्मिक न्यास कानूनों को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।

Sandipani Vidyalaya : सांदीपनि विद्यालयों के तैयार भवन, स्कूल चलें अभियान में कराएं लोकार्पण

Sandipani Vidyalaya : भवनों का लोकार्पण, स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और