by: vijay nandan
रविवार: म्यांमार के मांडले शहर में भूकंप के बाद के झटकों ने भूकंप पीड़ितों को और भी डरा दिया, जब बचाव दल मलबे के बीच जीवित लोगों की तलाश कर रहे थे। शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद म्यांमार में 1,600 से अधिक लोग मारे गए और थाईलैंड में भी 17 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
भूकंप का प्रभाव
भूकंप का केंद्र म्यांमार के मांडले शहर के पास था, और इसके बाद 6.7 तीव्रता का एक और आफ्टरशॉक आया। इन झटकों ने मांडले शहर में कई इमारतों को ध्वस्त कर दिया, पुलों को तोड़ दिया और सड़कों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया। मांडले, जो म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, में भारी तबाही मची है, जहां 1.7 मिलियन से अधिक लोग रहते हैं।
स्थानीय लोग मलबे में फंसे लोगों को ढूंढने के लिए अपने हाथों से खुदाई कर रहे थे। एक बचावकर्मी ने बताया कि “हम गिर चुकी इमारतों के पास काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ संरचनाएं अस्थिर हैं, जिससे हमें काम करते समय सावधान रहना पड़ता है।”

बचाव कार्य और स्थिति
मांडले में बहुत से लोग मलबे में दबे हुए हैं, लेकिन भारी मशीनरी की कमी के कारण उन्हें बाहर निकालना बहुत मुश्किल है। एक निवासी ने बताया, “लोग अभी भी इमारतों में फंसे हुए हैं, उन्हें निकाला नहीं जा सकता।”
शहर के एक चाय दुकान मालिक, विन ल्विन ने कहा, “यहां सात लोग मर गए थे जब भूकंप आया था। मैं और लोग शवों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अब कोई जीवित नहीं मिलेगा।”
रविवार की सुबह फिर एक छोटा आफ्टरशॉक महसूस हुआ, जिसके बाद लोग सुरक्षा के लिए होटल से बाहर भाग गए।
संभावित मृतकों की संख्या
म्यांमार की सैन्य सरकार ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि भूकंप में 1,644 लोग मारे गए हैं और 3,400 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अलावा, 139 लोग अभी भी लापता हैं। हालांकि, संचार व्यवस्था कमजोर होने के कारण, इस आपदा का सही आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय सहायता
म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग ह्लाइंग ने इस आपदा के बाद बहुत कम लोगों द्वारा दी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की, जो पहले के सैन्य सरकारों द्वारा अस्वीकार कर दी जाती थी।
म्यांमार की सरकार ने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आपसी सहयोग से काम करना चाहिए।
इसके अलावा, भारत और चीन जैसे देशों ने राहत सामग्री और बचाव दल भेजे हैं। भारतीय सैन्य विमान ने शनिवार को म्यांमार में राहत सामग्री और बचाव टीम भेजी। चीन ने भी अपनी बचाव टीम भेजी है, और सिंगापुर से कुत्तों के साथ 78 सदस्यीय एक दल मांडले में काम कर रहा है।

थाईलैंड में स्थिति
म्यांमार के साथ-साथ थाईलैंड के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के प्रभाव महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन 30-मंजिला इमारत के ढहने से कई लोग फंस गए। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी ने बताया कि इस इमारत के मलबे में 83 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, और कई कुत्तों और थर्मल इमेजिंग ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।
म्यांमार की कठिन स्थिति
म्यांमार पहले ही 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद गृहयुद्ध से जूझ रहा है। सरकारी सहायता कम होने के कारण लोगों को अपने ही बलबूते राहत काम करना पड़ रहा है। म्यांमार के सबसे प्रभावित क्षेत्रों में, जैसे सागइंग, जहां सरकारी सहायता की कमी के कारण स्थिति गंभीर हो गई है, लोग बिना किसी मदद के खुद से ही राहत कार्य कर रहे हैं।
म्यांमार और थाईलैंड में आया यह भूकंप न केवल जानमाल का नुकसान हुआ है, बल्कि यह दोनों देशों के लिए एक बड़ी मानवतावादी आपदा साबित हुई है। अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं, और राहत कार्यों में मदद पहुंचाना कठिन है। दुनियाभर के देशों से सहायता की उम्मीद है, और स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संगठन और अंतरराष्ट्रीय राहत दल इस संकट से उबरने के लिए काम कर रहे हैं।
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