BY: Yoganand Shrivastva
मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के आरोप में गिरफ्तार मुस्कान और साहिल जेल में नशे की लत के कारण बेचैनी का सामना कर रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग दी जा रही है, ताकि वे मानसिक रूप से स्थिर हो सकें।
जेल में कैसे कट रही है रात?
सूत्रों के मुताबिक, साहिल और मुस्कान पिछले दो रातों से ठीक से सो नहीं पाए हैं। वे बैरक में अचानक जाग जाते हैं और घबराहट महसूस करते हैं। इतना ही नहीं, दोनों ने खाने-पीने से भी दूरी बना ली है। हालांकि, चिकित्सीय जांच में उनकी सेहत सामान्य पाई गई है, लेकिन नशे की लत के लक्षण स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं।
कोई मिलने नहीं आया
जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक साहिल और मुस्कान से मिलने के लिए कोई भी परिजन या करीबी नहीं आया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि दोनों को लगातार काउंसलिंग दी जा रही है, ताकि वे नशे की लत से बाहर निकल सकें और अपने मानसिक संतुलन को बनाए रख सकें।
कैसे हुआ था सौरभ हत्याकांड?
मेरठ में हुए इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने साहिल और उसकी गर्लफ्रेंड मुस्कान को मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि सौरभ राजपूत की हत्या के पीछे इन्हीं दोनों का हाथ था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने खुद को बचाने की हरसंभव कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जेल में नशे की लत और अपराध का कनेक्शन
अक्सर देखा गया है कि जो अपराधी नशे के आदी होते हैं, उन्हें जेल में इसकी तलब सताने लगती है। जब उनकी यह जरूरत पूरी नहीं होती, तो वे मानसिक और शारीरिक रूप से अस्थिर होने लगते हैं। यही हाल साहिल और मुस्कान का भी है।
जेल प्रशासन की पहल
जेल अधीक्षक के अनुसार, नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से दोनों को सुधारने की कोशिश की जा रही है। काउंसलिंग के जरिए उन्हें नशे से दूर करने और सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया जारी है।
समाज के लिए एक सीख
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि नशे की लत अपराध को बढ़ावा देती है। समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके
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