Gwalior Live अपहरण: मां की आंख में मिर्ची झोंक कर दिन दहाड़े बच्चे को उठा ले गए बदमाश

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ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल यहां एक 6 साल के बच्चे का दिन दहाड़े अपहरण कर लिया गया। बदमाशों ने बच्चे का अपहरण उसकी मां के सामने किया। जिसका वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर बदमाशों की तलाशी शुरू कर दी है। वहीं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों के ऊपर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है।

बच्चे को मां की गोद से छीना और बाइक पर बैठ कर फरार हो गए बदमाश

मां के साथ स्कूल जा रहा था 6 वर्ष का शिवाय

जानकारी के मुताबिक बच्चा शिवाय गुप्ता अपनी मां के साथ स्कूल जा रहा था। तभी पीछे से ब्लैक कलर की पल्सर गाड़ी पर दो बदमाश आते हैं और मां की आंख में मिर्ची पाउडर डाल कर बच्ची को गोद में उठा कर पल्सर से भाग जाते हैं। बच्चे की मां बदमाशों का पीछा करने की कोशिश करती है, लेकिन बीच में ही गिर जाती है। इस घटना के बाद पुलिस ने शहर के चारों तरफ तलाशी शुरू कर दी है और वहीं बदमाशों के खिलाफ इनाम भी घोषित कर दिया है।

इस बच्चे का हुआ अपहरण- कारोबारी राहुल गुप्ता का 6 वर्षीय बेटा शिवाय गुप्ता

माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अपहरण की घटनाओं के कारण

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं से जुड़े हए हैं, यहाँ कुछ मुख्य कारण दिए जा रहे हैं:

  1. आर्थिक असमानता और बेरोज़गारी: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कई जगहों पर गरीबी और बेरोज़गारी का स्तर अधिक है, जिससे लोग अपराध की ओर आकर्षित होते हैं। अपहरण अक्सर पैसे की वसूली के उद्देश्य से किए जाते हैं।
  2. राजनीतिक प्रभाव और गुंडागर्दी: इस क्षेत्र में कुछ समय तक राजनीतिक गैंग्स और अपराधी संगठनों का प्रभाव रहा है। इन गैंग्स के बीच की प्रतिस्पर्धा और अपराध की संस्कृति अपहरण जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है।
  3. कानून-व्यवस्था की समस्या: ग्वालियर-चंबल में पुलिस और कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर होने के कारण अपराधी आसानी से किसी को भी अपहरण करने का साहस करते हैं, क्योंकि उन्हें कानून से डर नहीं लगता।
  4. समाजिक तनाव और प्रतिस्पर्धा: जातिवाद, ज़मीन विवाद, और परिवारिक झगड़े भी इस प्रकार की घटनाओं का कारण बन सकते हैं। कभी-कभी प्रतिशोध की भावना से लोग अपहरण जैसी हिंसक गतिविधियों का सहारा लेते हैं।
  5. अपहरण के आर्थिक लाभ: अपहरण करने वाले गिरोह या व्यक्ति आर्थिक लाभ की उम्मीद में अपहरण करते हैं। रिहाई के बदले भारी रकम की मांग की जाती है, जिससे यह अपराध एक व्यापार बन जाता है।
  6. अपराधी संस्कृति: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कुछ समय तक डाकू और अपराधी गैंग्स का दबदबा रहा है। इन गैंग्स ने अपराध की एक विशेष संस्कृति को जन्म दिया, जिससे अपहरण जैसी घटनाएँ बढ़ी हैं।

इन सभी कारणों के संयोजन से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अपहरण की घटनाएँ होती हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में पुलिस प्रशासन और सरकार ने इस पर काबू पाने के लिए कई प्रयास किए हैं, फिर भी पूरी तरह से इन घटनाओं पर नियंत्रण पाना एक चुनौती बनी हुई है।

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