हाल ही में, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के न्यायिक समिति के सदस्य, रिपब्लिकन सांसद लैंस गुडेन ने बाइडेन प्रशासन द्वारा अदाणी समूह की गतिविधियों की जांच के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड को पत्र लिखकर इस जांच के औचित्य और इसके संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है।
गुडेन ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह की चयनात्मक कार्रवाइयों से भारत जैसे महत्वपूर्ण सहयोगी देशों के साथ अमेरिका के गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि भारत प्रत्यर्पण अनुरोध का पालन करने से इनकार करता है, तो अमेरिका की क्या रणनीति होगी।
इसके अतिरिक्त, गुडेन ने न्याय विभाग से अदाणी समूह के खिलाफ चलाए गए अभियोग से संबंधित सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस मामले में न्याय विभाग की चयनात्मक कार्रवाइयों पर भी सवाल उठाए हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी समूह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सौर ऊर्जा अनुबंधों के संबंध में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। हालांकि, अदाणी समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है।
गुडेन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की कार्रवाइयों से अमेरिका के औद्योगिक आधार और आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि अदाणी समूह जैसी कंपनियां अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करती हैं और हजारों नौकरियां पैदा करती हैं।
इस प्रकार, अमेरिकी सांसद लैंस गुडेन ने अदाणी समूह के खिलाफ बाइडेन प्रशासन की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसके संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है।
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