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SIR: वोटर लिस्ट से कट गया नाम तो न हों परेशान, चुनाव आयोग ने दिया दूसरा मौका; बिना Form-6 के ऐसे जुड़वाएं नाम

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SIR: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने के कारण परेशान लोगों के लिए चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने दिल्ली समेत सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऐसे मतदाताओं को अपना नाम दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल कराने का एक और अवसर देने का फैसला किया है। खास बात यह है कि अब इन लोगों को नए मतदाता की तरह फॉर्म-6 भरने की जरूरत नहीं होगी। वे पहले से जारी एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) के जरिए ही अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दावा कर सकेंगे।

चुनाव आयोग का यह फैसला उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका नाम किसी कारण से ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया। कई मतदाता इस असमंजस में थे कि पहले से वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद उन्हें नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 क्यों भरना पड़ेगा। इसी समस्या को देखते हुए आयोग ने पुरानी प्रक्रिया के तहत जारी एन्यूमरेशन फॉर्म के माध्यम से नाम शामिल कराने का रास्ता खोल दिया है।

इस सुविधा का लाभ दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के प्रभावित मतदाताओं को मिलेगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पुराना फॉर्म जमा करना होगा और साथ में एक अलग घोषणा-पत्र भी देना होगा।

SIR: ASDD श्रेणी में नाम कटने वाले मतदाताओं को राहत

चुनाव आयोग की ओर से दी गई यह सुविधा मुख्य रूप से ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाताओं के लिए है। इस श्रेणी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिनके नाम अनुपस्थित रहने, दूसरी जगह चले जाने, मृत्यु या डुप्लिकेट एंट्री के आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए थे।

इसके अलावा ऐसे मतदाता भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिनका एन्यूमरेशन फॉर्म निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाया था। ऐसे लोगों के नाम भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके थे।

दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत अब इन मतदाताओं को दोबारा अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का मौका मिलेगा। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता केवल फॉर्म जमा नहीं हो पाने या अन्य तकनीकी कारणों से मतदान के अधिकार से वंचित न रहें।

SIR: फॉर्म-6 भरने की अनिवार्यता से मिलेगी छुट्टी

अब तक कई ऐसे मतदाता फॉर्म-6 भरने से बच रहे थे, जिनका नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज था। इसकी वजह यह थी कि फॉर्म-6 नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे भरने के दौरान आवेदक को पहली बार मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने से संबंधित घोषणा करनी पड़ती है।

ऐसे में पुराने मतदाताओं के सामने असमंजस की स्थिति बन रही थी। उनका कहना था कि जब वे पहले से मतदाता हैं, तो उन्हें नए मतदाता की तरह आवेदन क्यों करना चाहिए। चुनाव आयोग ने इसी परेशानी को दूर करने के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म के जरिए दोबारा नाम जुड़वाने की सुविधा दी है।

अब पात्र मतदाता अपने पुराने एन्यूमरेशन फॉर्म को जमा कर सकेंगे। इससे उन्हें नए पंजीकरण की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इसके साथ निर्धारित घोषणा-पत्र देना अनिवार्य रहेगा।

SIR: दावे और आपत्तियों की अवधि तक जमा कर सकेंगे फॉर्म

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की जो प्रक्रिया बंद हो गई थी, उसे ASDD श्रेणी में हटाए गए मतदाताओं के लिए दोबारा शुरू किया जा रहा है।

यह सुविधा दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की निर्धारित अवधि समाप्त होने तक उपलब्ध रहेगी। यानी प्रभावित मतदाताओं को इस समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म जमा करना होगा।

आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत मतदाता अपना एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा कर सकते हैं।

SIR: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकेंगे आवेदन

प्रभावित मतदाताओं को अपना पुराना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। वे ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं या फिर संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) के पास जाकर ऑफलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

एन्यूमरेशन फॉर्म के साथ एक अलग घोषणा-पत्र देना भी जरूरी होगा। इसमें मतदाता को स्पष्ट करना होगा कि वह पहले निर्धारित समय में अपना फॉर्म क्यों जमा नहीं कर पाया था।

इसके अलावा घोषणा-पत्र में यह भी बताना होगा कि उसने SIR प्रक्रिया के दौरान नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 जमा नहीं किया है। आयोग ने इस प्रक्रिया को इसलिए जरूरी बनाया है, ताकि एक ही व्यक्ति का नाम दोबारा दर्ज होने या अलग-अलग आवेदन के कारण किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

SIR: पता बदलने वाले मतदाताओं को भी मिलेगी राहत, Form-8 की जरूरत नहीं

चुनाव आयोग के इस फैसले का फायदा उन लोगों को भी मिलेगा, जिन्होंने उसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भीतर अपना निवास स्थान बदल लिया है। कई बार पता बदलने के कारण मतदाता का पुराना नाम सूची से हट जाता है या नए पते पर उसका नाम दर्ज नहीं हो पाता।

ऐसे मतदाताओं को भी अब फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने पुराने एन्यूमरेशन फॉर्म के जरिए नाम शामिल कराने का दावा कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें अलग से घोषणा-पत्र जमा करना होगा।

घोषणा-पत्र में पुराने और नए दोनों पते की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि पहले निर्धारित समय में एन्यूमरेशन फॉर्म क्यों जमा नहीं हो पाया था। नए पते का निवास प्रमाण देना भी अनिवार्य रहेगा।

ऐसे मतदाताओं को अपना आवेदन उस विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास जमा करना होगा, जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों और निवास संबंधी जानकारी का सत्यापन करेंगे।

SIR: BLO घर-घर जाकर तलाशेंगे छूटे हुए मतदाता

चुनाव आयोग ने अधिकारियों को केवल मतदाताओं के आवेदन का इंतजार करने के बजाय खुद उन तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) की मदद से छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करेंगे।

BLO घर-घर जाकर या फोन के माध्यम से ऐसे मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। अगर किसी व्यक्ति का पता नहीं चल पाता है, तो उसके परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

इस प्रक्रिया का मकसद ऐसे पात्र मतदाताओं तक पहुंचना है, जो किसी कारण से अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे। आयोग चाहता है कि संबंधित अधिकारियों की सक्रियता से छूटे हुए लोगों को दोबारा आवेदन करने का अवसर मिल सके।

SIR: ECINet पोर्टल पर दोबारा तैयार होंगे एन्यूमरेशन फॉर्म

चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं के आंशिक रूप से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म ECINet के ERO डैशबोर्ड पर फिर से तैयार किए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फॉर्म सही मतदाताओं तक पहुंचें।

इसके लिए केवल फॉर्म की हार्ड कॉपी पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। जरूरत के मुताबिक WhatsApp, SMS और ईमेल के जरिए भी मतदाताओं तक एन्यूमरेशन फॉर्म भेजे जा सकेंगे।

इस व्यवस्था से उन लोगों को सुविधा मिलेगी, जो किसी वजह से पहले फॉर्म प्राप्त नहीं कर पाए थे या समय सीमा के भीतर उसे संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंचा सके थे।

SIR: पुराने EPIC नंबर से डाउनलोड कर सकेंगे एन्यूमरेशन फॉर्म

जिन मतदाताओं का नाम ASDD श्रेणी में रखा गया है, वे अपना पुराना EPIC नंबर इस्तेमाल करके ECINet पोर्टल से एन्यूमरेशन फॉर्म डाउनलोड कर सकेंगे। EPIC नंबर मतदाता पहचान पत्र पर दर्ज विशिष्ट पहचान संख्या होती है।

इसके अलावा आयोग ने ASDD श्रेणी में शामिल मतदाताओं की बूथवार सूची दोबारा सार्वजनिक करने की व्यवस्था भी की है। यह सूची संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसे अपलोड किया जाएगा।

इससे मतदाता आसानी से पता लगा सकेंगे कि उनका नाम किस श्रेणी में रखा गया है और उन्हें आगे कौन-सी प्रक्रिया पूरी करनी है।

SIR: आवेदन के बाद ERO करेंगे पात्रता और पते का सत्यापन

एन्यूमरेशन फॉर्म और घोषणा-पत्र जमा होने के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) आवेदन की जांच करेंगे। इस दौरान मतदाता की पात्रता, सामान्य निवास स्थान और अन्य जरूरी जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर भी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। जांच में पात्र पाए जाने के बाद मतदाता का नाम दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा।

खास बात यह है कि नाम फिर से जुड़ने पर मतदाता को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले वाला EPIC नंबर ही वापस मिलेगा। इससे पुराने मतदाता पहचान पत्र की पहचान और रिकॉर्ड को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

SIR: पहले ही Form-6 जमा कर चुके लोगों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने SIR प्रक्रिया के दौरान नए पंजीकरण के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।

ऐसे मतदाताओं को अलग से घोषणा-पत्र जमा करने की भी आवश्यकता नहीं है। उनका आवेदन पहले से ही प्रक्रिया में शामिल रहेगा और संबंधित अधिकारी नियमानुसार उसकी जांच करेंगे।

कुल मिलाकर, चुनाव आयोग के इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका नाम SIR के दौरान किसी कारण से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो गया था। पुराने एन्यूमरेशन फॉर्म के आधार पर नाम दोबारा जुड़वाने की सुविधा मिलने से पात्र लोगों के लिए प्रक्रिया आसान होगी। हालांकि, इसके लिए निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखना और जरूरी घोषणा-पत्र व दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा।

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