BY: Yoganand Shrivastva
Dutch YouTuber वाराणसी की संस्कृति, आध्यात्मिकता और खानपान का आकर्षण दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। अब डच ट्रैवल यूट्यूबर मार्टा ने भी पहली बार काशी पहुंचकर अपने अनुभव साझा किए हैं। अपने यूट्यूब चैनल ‘Gypsy in Sneakers’ पर जारी वीडियो में उन्होंने बनारस की गलियों, गंगा घाटों और यहां की धार्मिक परंपराओं को करीब से दिखाया है। मार्टा के लिए यह सफर केवल पर्यटन नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु को समझने का एक भावुक अनुभव बन गया।
नेपाल से लंबी और थकाने वाली यात्रा के बाद वाराणसी पहुंचीं मार्टा यहां के माहौल को देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के दृश्यों को देखा। एक ओर चिताएं जल रही थीं, तो दूसरी तरफ लोग गंगा में स्नान कर रहे थे और बच्चे आसपास खेलते नजर आ रहे थे। घाटों पर जीवन और मृत्यु का यह सहज मेल उनके लिए बेहद अनूठा था। भस्म लगाए साधुओं और श्रद्धालुओं की आस्था ने भी उन्हें गहराई से प्रभावित किया। मार्टा ने अपने अनुभव में कहा कि काशी आकर उन्हें जिंदगी के सच को समझने का मौका मिला।
बनारस की गलियों में चखा स्थानीय व्यंजनों का स्वाद
Dutch YouTuber मार्टा ने वाराणसी की तंग गलियों में घूमते हुए यहां की रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से महसूस किया। गलियों में लोगों की आवाजाही, जगह-जगह घूमती गायें और दुकानों से आती खाने की खुशबू ने उनका ध्यान खींचा। इस दौरान उन्होंने बनारस के मशहूर स्ट्रीट फूड का भी आनंद लिया।
उन्होंने सबसे पहले पानीपुरी यानी गोलगप्पे का स्वाद चखा और इसे 10 में से 8.5 अंक दिए। इसके बाद मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी गई मलाईदार लस्सी पी। लस्सी उन्हें इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे पूरे 10 अंक दिए। इसके अलावा सर्दियों में मिलने वाली बनारस की खास मिठाई मलइयो का स्वाद भी लिया। मार्टा के लिए स्थानीय खानपान इस यात्रा का यादगार हिस्सा बन गया।
स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी ने जीता दिल
Dutch YouTuber काशी में मार्टा को केवल धार्मिक स्थल और खानपान ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों का व्यवहार भी पसंद आया। उन्होंने बताया कि गलियों में घूमने के दौरान लोग मुस्कुराकर उनका स्वागत करते रहे। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और जरूरत पड़ने पर मदद भी की। मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारों में नंगे पैर खड़े श्रद्धालुओं की आस्था देखकर वह काफी प्रभावित हुईं।
मार्टा के मुताबिक, बनारस ऐसा शहर है जो इंसान की सभी इंद्रियों को जागृत कर देता है। यहां का माहौल, आवाजें, खुशबू, स्वाद और आध्यात्मिक अनुभव लंबे समय तक याद रहते हैं। उनके वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने वाराणसी को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बताया। कुछ दर्शकों ने कहा कि काशी को केवल मृत्यु का शहर कहना सही नहीं है, बल्कि यह जन्म, पुनर्जन्म और मोक्ष की मान्यता से जुड़ा पवित्र धाम है।


