रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
Dewas TI Death Case : भोपाल, शराब माफियाओं का आतंक… कानून को चुनौती देते अपराधी… और कर्तव्य निभाते पुलिस अधिकारी की मौत… मध्यप्रदेश में TI की मौत के मामले ने शराब के अवैध कारोबार पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.. लेकिन घटना के बाद सरकार सख्त है… आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है..इस मामले में राजनीतिक कनेक्शन की चर्चा ने सियासत को भी गरमा दिया है… शराब माफियाओं और राजनीतिक रसूख के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं…
Dewas TI Death Case : शराब माफियाओं पर सरकार सख्त, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, नेटवर्क होगा ध्वस्त
उधर शराब माफियाओं के हौसले पर लगाम लगाने के लिए सरकार एक्शन मोड में है… शराब माफियाओं के खिलाफ मोहन सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है… TI की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा… अवैध शराब के कारोबार और माफियाओं के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी है… मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है…
Dewas TI Death Case : आरोपियों की गिरफ्तारी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
दोषियों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी है…मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराध चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से ऊपर कोई नहीं…. सरकार का जोर सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि अवैध शराब कारोबार के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने का है… उन्होंने कहा कि देवास जिले में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों के साथ सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है… आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.. किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा।
Dewas TI Death Case : शराब माफियाओं को संरक्षण, राजनीति कनेक्शन ?
कुल मिलाकर सरकार का फोकस अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं… बल्कि शराब माफियाओं के पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर है… अवैध कारोबार में कौन शामिल है… पैसा कहां से आता है… किन लोगों का संरक्षण हासिल है… इन सवालों के जवाब तलाशना भी जरूरी है…जिससे कार्रवाई सिर्फ चेहरों तक नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट तक पहुंचे… उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बात और कही है कि डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने वाली मध्यप्रदेश पुलिस अब ड्रग्स के विरुद्ध भी दृढ़ता से कार्रवाई कर वर्ष 2029 तक निर्णायक परिणाम देगी।
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