Diwali 2026: दीपावली का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल है। दीपावली से पहले धनतेरस और नरक चतुर्दशी से लेकर गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक कई महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। साल 2026 में तिथियों की स्थिति के कारण दीपोत्सव के कार्यक्रम में एक दिन का अंतर देखने को मिलेगा। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के पं. विनोद गौतम के अनुसार, इस वर्ष दीपोत्सव 6 नवंबर से शुरू होकर 11 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी, हनुमान जयंती, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज मनाए जाएंगे।
Diwali 2026: 6 नवंबर को मनाई जाएगी धनतेरस और धन्वंतरि जयंती
दीपोत्सव की शुरुआत शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के साथ होगी। इस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होगी। इसी दिन धन्वंतरि जयंती और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाएगा।
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और शुभ समय में खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
पं. विनोद गौतम के अनुसार, धनतेरस पर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक बताया गया है। वहीं भोपाल में पूजा के लिए शाम 5:41 बजे से रात 8:12 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा।
Diwali 2026: 7 और 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी, हनुमान जयंती और छोटी दिवाली
इस वर्ष नरक चतुर्दशी की तिथि 7 नवंबर की सुबह से शुरू होकर 8 नवंबर की सुबह तक रहेगी। इसी वजह से अभ्यंग स्नान और पूजा से जुड़े कार्यक्रमों के समय को लेकर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को सुबह 5:41 बजे से 6:38 बजे तक अभ्यंग स्नान का मुहूर्त रहेगा। इसके बाद सुबह 6:40 बजे से 8:50 बजे तक हनुमान जी की पूजा का समय बताया गया है।
नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन शाम के समय यम दीपदान करने और घर में 14 दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
Diwali 2026: 8 नवंबर को दीपावली और महालक्ष्मी पूजन
रविवार, 8 नवंबर 2026 को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
पं. विनोद गौतम के अनुसार, महालक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा। यह समय दिल्ली के अनुसार बताया गया है। भोपाल में महालक्ष्मी पूजन के लिए शाम 6:05 बजे से रात 8:00 बजे तक का समय रहेगा।
दीपावली पर प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। वहीं निशीथ काल रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक बताया गया है। इस दौरान घरों और मंदिरों में दीप जलाने, लक्ष्मी-गणेश पूजन और सुख-समृद्धि की कामना करने की परंपरा है।
Diwali 2026: 10 नवंबर को होगी गोवर्धन पूजा और अन्नकूट
दीपावली के बाद मंगलवार, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे से शुरू होकर 10 नवंबर को दोपहर 2:02 बजे तक रहेगी।
गोवर्धन पूजा के लिए सुबह 6:40 बजे से 8:50 बजे तक का मुहूर्त बताया गया है। वहीं दोपहर में अन्नकूट के आयोजन के लिए 3:46 बजे से शाम 6:02 बजे तक का समय रहेगा।
इस पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन स्वरूप की पूजा की जाती है। मंदिरों में अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। साथ ही गौ-पूजन और गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
Diwali 2026: 11 नवंबर को भाई दूज और यम द्वितीया
दीपोत्सव का समापन बुधवार, 11 नवंबर को भाई दूज के पर्व के साथ होगा। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 3:53 बजे तक रहेगी। भाई दूज पर तिलक लगाने के लिए अपराह्न काल का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक बताया गया है। यह मुहूर्त पूरे देश के लिए मान्य बताया गया है। भोपाल में तिलक के लिए दोपहर 1:30 बजे से 3:46 बजे तक का समय रहेगा।
Diwali 2026: दीपोत्सव के मुहूर्त में शहर के अनुसार हो सकता है अंतर
ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के पं. विनोद गौतम के अनुसार, वर्ष 2026 में तिथियों की वृद्धि के कारण दीपोत्सव के पर्वों की व्यवस्था में एक दिन का अंतर रहेगा। धनतेरस से भाई दूज तक अलग-अलग पर्वों के लिए पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पूजा के मुहूर्त स्थान और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। इसलिए पूजा-अनुष्ठान करते समय अपने शहर के लिए बताए गए समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।


