रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
MP Vidhan Sabha : भोपाल, मध्यप्रदेश अब विधानसभा के कामकाज को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में अब प्रदेश में विधानसभा का अगला सत्र पेपरलेस बनाने की तैयारी है।ई-विधान से पारदर्शी कार्यप्रणाली, विधायकों को सहूलियत, शासन को गति और पर्यावरण को लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के माध्यम से विधायकों के प्रश्न, सदन की कार्यसूची, विधायी दस्तावेज और कार्यवाही से जुड़ी जानकारियां डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
MP Vidhan Sabha : मध्यप्रदेश विधानसभा होगी पेपरलेस, डिजिटल विधानसभा, आधुनिक मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और तकनीक आधारित सुशासन के व्यापक विजन को राज्य की विधायी व्यवस्था में आगे बढ़ाने का प्रयास है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन को क्रियान्वित कर रहे है।डिजिटल इंडिया के माध्यम से सरकारी कामकाज में तकनीक के उपयोग, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

MP Vidhan Sabha : CM का मिशन, सुशासन की ओर बड़ा कदम
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन इसी व्यापक दिशा से जुड़ी पहल है।इसका उद्देश्य देश की विधानसभाओं और विधान परिषदों के कामकाज को डिजिटल मंच पर लाना है, जिससे विधायी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा सके। मध्यप्रदेश का इस दिशा में आगे बढ़ना राज्य की संस्थागत कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का प्रयास है। इससे प्रदेश की विधानसभा राष्ट्रीय डिजिटल व्यवस्था से जुड़कर तकनीक आधारित विधायी कामकाज को आगे बढ़ा सकेगी।
MP Vidhan Sabha होगी पेपरलेस, डिजिटल होगी व्यवस्था
• मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आधुनिक मध्यप्रदेश की ओर कदम
• शासन की संस्थाओं को आधुनिक बनाना सरकार का लक्ष्य
• प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना,जनता तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना हिस्सा
• ई-विधान जैसी पहल सुशासन, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाना
• विधानसभा के कामकाज में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ेगा
• भविष्य में अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी तथा समयबद्ध प्रक्रियाओं का विकास
• विधायकों और उनके कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
• व्यवस्था केवल लागू करने के बजाय, उपयोग के लिए भी की जा रही तैयारी
• विजन प्रधानमंत्री का, मिशन मुख्यमंत्री का और लक्ष्य जनता को बेहतर शासन
• विधायकों और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों से व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा
• विधायकों और उनके सहयोगी कर्मचारियों को नेवा के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा
• जनसमस्याएं सदन तक पहुंचाने में मिलेगी गति, कागजी प्रक्रिया का सहारा नहीं लेना पड़ेगा
• डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रियाओं को ऑनलाइन पूरा करना आसान होगा
• विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े प्रश्न और जरूरी सूचनाएं डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत करेंगे
• दस्तावेज तैयार करने, जमा करने, संबंधित जानकारी प्राप्त करने में लगने वाला समय कम होगा
• प्रश्नों, उत्तरों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से पुराने मामलों को दोबारा देखना आसान होगा
• पुराने दस्तावेज खोजने और अलग-अलग फाइलों में जानकारी तलाशने की आवश्यकता कम होगी
• कामकाज में स्पष्टता बढ़ेगी और विधायी प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी
• पेपरलेस व्यवस्था में जरूरी दस्तावेज, प्रश्नों के उत्तर, सदन से संबंधित जानकारियां डिजिटल होंगी
• विधानसभा के कामकाज में कई विभागों से संबंधित प्रश्न, सूचनाएं और दस्तावेज शामिल
• ई-विधान से विधायी कार्यों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा
• दस्तावेजों तक पहुंच आसान होगी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी लाने में मदद मिलेगी
• डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से किसी विषय से जुड़ी पिछली जानकारी का संदर्भ लेना भी सुविधाजनक होगा
• पत्रकारों, शोधकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को सार्वजनिक जानकारी तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी


