Quad : भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM-Plus) के दौरान जापान और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों के साथ रक्षा सहयोग पर चर्चा की। इस बैठक के बाद उन्होंने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोईजूमी और ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में तीनों नेता हाथ थामे नजर आए। इसके साथ राजनाथ सिंह ने ‘JAI: Japan, Australia, India’ लिखा।
इस पोस्ट को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, JAI को क्वॉड के विकल्प के रूप में स्थापित करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक समन्वय को लेकर बातचीत ऐसे समय हुई है, जब क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और चीन की बढ़ती गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
Quad : हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीति पर जोर
राजनाथ सिंह ने अपनी बैठकों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाए रखने की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। भारत के लिए इस क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, व्यापारिक गतिविधियों की निर्बाध आवाजाही और सहयोगी देशों के साथ रक्षा संबंध मजबूत करना महत्वपूर्ण है।
JAI: ( Japan, Australia & India)! https://t.co/k2StoTWnNs— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 29, 2026
भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसमें सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक, समुद्री निगरानी और रणनीतिक संवाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तीनों देशों के बीच बेहतर तालमेल से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर मिलकर काम करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
Quad : जापान ने भारत के साथ रक्षा संबंध मजबूत करने का भरोसा दिया
राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोईजूमी के बीच हुई बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। बातचीत में समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक क्षमताओं और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने नौसैनिक जहाजों के डिजाइन और निर्माण में संयुक्त रूप से काम करने की संभावनाओं पर भी विचार किया। इसके तहत जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की विनिर्माण क्षमताओं का इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और रक्षा उद्योगों के बीच संपर्क मजबूत करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जापान की ओर से भी दोनों देशों के बीच रक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
Quad : ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की तैयारी
राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और सैन्य समन्वय को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता अहम भूमिका निभाते हैं। दोनों देश सैन्य अभ्यास और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी के जरिए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने रिचर्ड मार्ल्स को फरवरी 2027 में बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एयरो इंडिया में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। यह आयोजन भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
Quad : चीन के साथ समुद्री विवादों के बीच बढ़ रही साझेदारी
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की समुद्री गतिविधियों को लेकर कई देशों की चिंताएं बनी हुई हैं। दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच विवाद है, जबकि पूर्वी चीन सागर में जापान और चीन के बीच भी क्षेत्रीय दावों को लेकर मतभेद हैं।
ऐसे माहौल में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीनों देश समुद्री मार्गों की सुरक्षा, रक्षा क्षमताओं के विकास और नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने की बात करते रहे हैं।
भारत के फिलीपींस के साथ भी रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं। भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति की है, जो दोनों देशों के रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। हालांकि, राजनाथ सिंह की JAI वाली पोस्ट को सीधे तौर पर चीन के खिलाफ किसी नए सैन्य गठबंधन की घोषणा मानना उचित नहीं होगा।
Quad : क्वॉड क्या है और JAI से इसका क्या संबंध है?
क्वॉड यानी क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का चार देशों वाला समूह है। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। इसके तहत समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
JAI का अर्थ जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत है। यह तीनों देशों के बीच सहयोग को रेखांकित करने वाला नाम है, लेकिन इसे क्वॉड की तरह औपचारिक चार-पक्षीय समूह का दर्जा प्राप्त होने का कोई स्पष्ट आधिकारिक संकेत नहीं है।
राजनाथ सिंह की पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब क्वॉड के भविष्य और अमेरिका की हिंद-प्रशांत नीति को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका को अलग रखकर क्वॉड की जगह नया समूह बनाने का फैसला किया है।
Quad : क्या अमेरिका के बिना भी भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया आगे बढ़ेंगे?
भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग का अपना महत्व है। तीनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और आपसी समन्वय के लिए क्वॉड की प्रत्येक गतिविधि पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। वे अलग-अलग रक्षा समझौतों, सैन्य अभ्यासों और साझा रणनीतिक हितों के आधार पर भी सहयोग बढ़ा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्वॉड शिखर सम्मेलन में भागीदारी को लेकर अटकलों के बीच JAI पोस्ट को इसी व्यापक रणनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। लेकिन अमेरिका की अनुपस्थिति या चीन को खुश करने के लिए क्वॉड से दूरी बनाने जैसी बातों को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, राजनाथ सिंह की मुलाकातों से यह स्पष्ट होता है कि भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। आने वाले समय में इन साझेदारियों का वास्तविक प्रभाव संयुक्त सैन्य गतिविधियों, रक्षा तकनीक में सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े फैसलों के जरिए सामने आएगा।
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