,

MP में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ, समावेशी और सतत आवास विकास को प्रोत्साहन

MP Urban Growth Conclave

MP : भोपाल, शहरी क्षेत्रों में किफायती, समावेशी एवं सतत आवास विकास को प्रोत्साहन… मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने, आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और शहरों में निवेश के नए अवसर तैयार करने की दिशा में आज का दिन महत्वपूर्ण रहा।जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ किया। आयोजन का उद्देश्य शहरी विकास को नई गति देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और मध्यप्रदेश के शहरों को आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार बनाना है।

MP : जरूरतमंद परिवारों की आवासीय जरूरतों पर फोकस

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति, 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करेगी।इस आयोजन का उद्देश्य केवल शहरों में नई इमारतों और सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को रोजगार, उद्योग, आवास, बेहतर सुविधाओं और टिकाऊ विकास से जोड़ना भी है।

इसमें सरकारी भूमि के बेहतर उपयोग, निजी निवेश, सस्ते मकानों, किराये के आवास, झुग्गी पुनर्विकास, ऑनलाइन अनुमतियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों को बढ़ावा दिया जायेगा।जिससे प्रदेश के शहरों के विकास को आम नागरिक की जरूरत, युवा पीढ़ी के भविष्य और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ जोड़ने का अवसर मिलेगा।दरअसल वर्ष 2036 और वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर सरकार का लक्ष्य आवास निर्माण की तैयारी है।क्योंकि मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के लिए मकान उपलब्ध कराना आने वाले वर्षों की बड़ी जरूरत है।

MP : विकसित MP @ 2047 की दिशा में शहरी विकास

मध्यप्रदेश में शहरी विकास के साथ आम नागरिकों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। तेजी से बढ़ते शहरों में किफायती आवास की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आवास विकास को समावेशी और सतत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास महत्वपूर्ण हैं। लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, निम्न आय वर्ग और अन्य जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलें, साथ ही शहरों का विकास भी व्यवस्थित तरीके से हो।

MP : वर्ष 2047 का विजन, आवास निर्माण का मिशन

दरअसल बदलते दौर में शहरों का विकास सिर्फ सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है। बेहतर परिवहन, किफायती आवास, जल प्रबंधन, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाएं आधुनिक शहरी विकास के अहम आधार हैं। अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में इन्हीं जरूरतों के अनुरूप शहरों को अधिक सुविधायुक्त और व्यवस्थित बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में निवेशकों और विशेषज्ञों के साथ शहरी विकास की भावी जरूरतों पर विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है और तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क, बिजली, पानी, सीवेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इस दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार इंदौर-उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इंदौर फ्यूचर सिटी के प्रारूप में वर्ष 2047 तक 20 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने और लगभग 25 से 30 हजार एकड़ भूमि पर नियोजित शहरी विकास की परिकल्पना की गई है। वहीं, इंदौर फ्यूचर सिटी का विकास लगभग 5 हजार एकड़ भूमि पर किया जाएगा।

PM आवास योजना-शहरी 2.0 के साथ राज्य सरकार एक ऐसे ढांचे की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है, जिसमें घर बनाने, खरीदने और किराये पर रहने के विकल्पों को शामिल किया जाए। शहरों में बढ़ती आबादी के साथ आवास की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में किफायती आवास योजनाएं उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनके लिए अपना घर खरीदना या बनाना चुनौतीपूर्ण है। नीति का उद्देश्य इस मांग को पूरा करने के लिए सरकारी योजनाओं के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना, खाली पड़ी सरकारी भूमि का उपयोग करना और निर्माण की लागत घटाने वाले उपाय अपनाना है।

आवासीय परियोजनाओं में बुनियादी सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और नियोजित विकास को प्राथमिकता देकर शहरी जीवन को सुविधाजनक बनाया जा सकता है।ऐसे में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 से उम्मीद है कि शहरी विकास की योजनाओं, निवेशकों की भागीदारी और नीतिगत सुधारों को नई दिशा मिलेगी।

MP : PM आवास योजना-शहरी 2.0

• वर्ष 2036 और वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर आवास निर्माण की तैयारी
• प्रदेश में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के लिए मकान उपलब्ध कराना बड़ी जरूरत
• विभागीय नीति, वर्ष 2036 तक कुल 20 लाख 82 हजार 199 आवास इकाइयों की जरूरत
• इनमें 17 लाख 17 हजार 393 इकाइयां किफायती आवास की श्रेणी में होंगी।
• 2036 से वर्ष 2047 के बीच 18 लाख 46 हजार 889 आवास इकाइयों की आवश्यकता
• इनमें 17 लाख 65 हजार 995 इकाइयां किफायती आवास से संबंधित
• 2047 तक दोनों अवधियों को मिलाकर लगभग 39.29 लाख आवास इकाइयों की जरूरत
• इनमें करीब 34.83 लाख इकाइयां किफायती आवास की होंगी।
• PM आवास योजना-शहरी के पहले चरण में MP में 9 लाख आवास इकाइयों के निर्माण होगा
• विभागीय नीति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को विशेष महत्व
• आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस में सालाना 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार शामिल
• निम्न आय वर्ग यानी एलआईजी में 3 लाख से 6 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार रखे गए
• मध्यम आय वर्ग की सीमा इस दस्तावेज में 6 लाख से 9 लाख रुपये तक बताई गई
• पात्रता और सहायता के लिए संबंधित सरकारी योजना के प्रचलित दिशा-निर्देश लागू होंगे
• किफायती आवास परियोजनाओं में EWS और LIG के लिए मकान उपलब्ध कराने पर जोर
• प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 केंद्र से 1.50 लाख, राज्य की 1 लाख रुपये की सहायता
• पात्रता और योजना के प्रावधानों के अनुसार कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी
• सरकारी भूमि और निजी भूमि पर विकसित परियोजनाओं में छूट का स्वरूप अलग-अलग
• खाली सरकारी जमीन से तैयार होंगे नए आवास और निवेश के अवसर
• निजी विकासकर्ताओं को सार्वजनिक-पीपीपी मॉडल से भी परियोजनाएं विकसित करने का अवसर
• कंपनियों, वास्तुकारों, इंजीनियरों, ठेकेदारों, निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले कारोबारियों को नए अवसर
• आवास परियोजनाओं में अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को सरकार बनाएगी आसान
• नीति में बीएचयूएमआई पोर्टल के साथ समय-सीमा आधारित एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था बनाई जाएगी
• शहरी विकास का सबसे बड़ा आर्थिक प्रभाव निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों में दिखाई देगा
• नीति में झुग्गी पुनर्विकास के लिए अलग संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी

MP : मध्यप्रदेश के हित में क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल ?

• पहला, गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घर के विकल्प बढ़ाने की दिशा में काम किया जायेगा।

• दूसरा, आवास के साथ औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा संस्थान, अस्पताल और रोजगार केंद्रों को जोड़ने से श्रमिकों तथा युवाओं के रहने और काम करने की परिस्थितियां बेहतर होंगी।

• तीसरा, सरकारी भूमि के व्यवस्थित उपयोग, डिजिटल निगरानी और आसान मंजूरियों से परियोजनाओं की तैयारी में अधिक पारदर्शिता आएगी।

• चौथा, निर्माण, आधुनिक तकनीक, सौर ऊर्जा, जल प्रबंधन, डिजिटल सेवाओं और भवन रखरखाव जैसे क्षेत्रों में निजी कारोबार तथा रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।

• पांचवां, शहरों के साथ छोटे शहरी केंद्रों पर ध्यान देने से विकास और निवेश को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

ये भी जानिए : DA Hike : सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, DA में 3% बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता हुआ 63%

Dhan Kharidi : सरकार की मंशा पर सवाल, सरकार विपक्ष में बवाल

रिपोर्ट- हिमांशु पटेल Dhan Kharidi : रायपुर, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की…

Shyam Janmotsav Chandil: चांडिल में 30वें श्री श्याम जन्मोत्सव के पोस्टर और निमंत्रण कार्ड का विमोचन

रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव Shyam Janmotsav Chandil श्री श्याम कला भवन, चांडिल के…

Madhupur House Theft: मधुपुर में फौजी के बंद घर में चोरी, ग्रामीणों ने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस को सौंपा

रिपोर्ट: इम्तियाज अंसारी Madhupur House Theft मधुपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर फौजी…