रिपोर्ट- अजय निगम
Bhojtal Catchment Area भोपाल, भोजताल कैचमेंट एरिया के दायरे में आने वाली निजी कृषि भूमि और खेती-किसानी पर संभावित प्रभाव को लेकर भारतीय किसान संघ ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन ने प्रभावित गांवों के किसानों को एकजुट कर उनकी मांगें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को भोपाल के मुगलिया छाप गांव में भारतीय किसान संघ, तहसील हुजूर की बैठक आयोजित की गई। इसमें कैचमेंट एरिया से प्रभावित करीब 20 गांवों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में किसानों की समस्याओं, निजी भूमि पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और संबंधित प्रावधानों को लेकर चर्चा की गई।

Bhojtal Catchment Area 78 से अधिक गांवों तक पहुंचेगा किसान संघ
बैठक में तय किया गया कि भोजताल कैचमेंट एरिया से प्रभावित 78 से अधिक गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को कैचमेंट एरिया से जुड़े प्रावधानों और संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी दी जाएगी।
भारतीय किसान संघ की योजना प्रभावित किसानों को एकजुट कर बड़े स्तर पर ज्ञापन सौंपने की है। संगठन के अनुसार, सैकड़ों किसानों के साथ भोपाल में संबंधित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके जरिए किसानों की मांगों और आपत्तियों को शासन-प्रशासन के सामने रखा जाएगा।
Bhojtal Catchment Area निजी जमीन और खेती पर असर को लेकर चिंता
भारतीय किसान संघ का कहना है कि भोजताल कैचमेंट एरिया से जुड़े प्रावधानों के कारण प्रभावित किसानों की निजी भूमि और कृषि गतिविधियों पर संभावित असर को लेकर चिंताएं हैं। संगठन चाहता है कि किसी भी प्रावधान को लागू करने से पहले किसानों की वास्तविक परिस्थितियों, भूमि से जुड़े मामलों और उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
संगठन ने प्रभावित गांवों के किसानों से संपर्क कर उन्हें इस मुद्दे से जोड़ने और उनकी समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने का फैसला किया है।
Bhojtal Catchment Area बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मध्यप्रदेश क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रांत अधिकारी कैलाश ठाकुर, प्रांत प्रचार प्रमुख राहुल धूत, जिला अध्यक्ष गिरवर सिंह राजपूत, जिला मंत्री देवेंद्र सिंह डांगी, तेजपाल पाटीदार, जिला सदस्य भगवान सिंह, तहसील अध्यक्ष अखिलेश मीणा और तहसील मंत्री शिवराज सिंह ठाकुर सहित तहसील कार्यकारिणी एवं विभिन्न ग्राम इकाइयों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय किसान संघ के इस फैसले के बाद भोजताल कैचमेंट एरिया से प्रभावित गांवों में जनसंपर्क अभियान और किसानों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।
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