Report: Ratan kumar
Jamtara CPIM Protest जामताड़ा में मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीपीआईएम जिला कमेटी की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में राज्य स्तरीय मांगों के साथ स्थानीय जनसमस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी नेताओं ने सरकार और प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की।
विस्थापन, मुआवजा और जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठा
Jamtara CPIM Protest धरने की अध्यक्षता सीपीआईएम जिला कमेटी के सचिव सुजीत कुमार माजी ने की। सभा को किसान नेता सचिन राणा, सुकुमार बाउरी, मजदूर नेता लखनलाल मंडल, चंडीदास पुरी, पार्टी राज्य सचिव मंडल के सदस्य सुरजीत सिन्हा और मजदूर नेता सुजीत कुमार भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड सरकार से लोगों को जो उम्मीदें थीं, वे पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने विस्थापन की समस्या, हाथी के हमले में मृत लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिलने और जमीन अधिग्रहण कर लैंड बैंक बनाए जाने से गरीब किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया।
सड़क, प्रमाण पत्र और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल
Jamtara CPIM Protest स्थानीय समस्याओं को लेकर नेताओं ने कहा कि प्रखंड कार्यालयों में जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को परेशानी होती है। नगर पंचायत क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के बावजूद नियमित छिड़काव नहीं होने का आरोप लगाया गया। रसियाभीटा और शहरपुरा सहित कुछ गांवों में पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत होने की बात कही गई।
Jamtara CPIM Protest स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी नेताओं ने सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में पर्याप्त दवा और डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। वहीं, शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं किए जाने का भी मुद्दा उठाया गया।
किसानों की समस्याओं और सिंचाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी
Jamtara CPIM Protest किसानों की समस्याओं पर वक्ताओं ने कहा कि फसलों की बिक्री के लिए लैम्प्स के माध्यम से व्यवस्था होने के बावजूद किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों को बीमा राशि नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया। अजय बराज से बनी नहरों में पानी की आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए नेताओं ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की लागत से तैयार सिंचाई व्यवस्था का किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीपीआईएम नेताओं ने सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुधारने तथा किसानों को खाद और बीज आसानी से उपलब्ध कराने की मांग की। मतदाता सूची को लेकर भी वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जायज मतदाताओं को विभिन्न बहाने बनाकर सूची से बाहर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
धरने के अंत में नेताओं ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम समाप्त होने से पहले उपायुक्त के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई। धरने में जिला कमेटी के प्रभारी सचिव संजय मेहता, गौर सोरेन, अशोक भंडारी, प्रेम, राजवीर सोरेन, अनूप सरखेल, बुधु मरांडी, चंडी बावरी, राजू डोम, घनश्याम गोराई, मालती, रसिक, नंद बावरी, दुबराज भंडारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


