Damoh Balram Krishi Mahotsav : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से जुड़े मुख्यमंत्री
Damoh Balram Krishi Mahotsav : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर को दमोह जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से आत्मीय संवाद किया और जिले में खेती-किसानी की स्थिति तथा कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दमोह जिले ने पिछले कुछ वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “जहां से मोह न छूटे, वो अपना दमोह है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और अन्नदाताओं की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : खेत से बाजार तक किसानों के लिए स्थायी व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार खेत से लेकर बाजार तक और खाद की उपलब्धता से लेकर किसानों के खातों तक ऐसी व्यवस्थाएं तैयार कर रही है, जो मजबूत और स्थायी हों। उन्होंने किसानों की मेहनत को देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का आधार बताते हुए कहा कि किसानों द्वारा मेहनत से पैदा किया गया अनाज हमारे लिए भगवान के प्रसाद के समान है।
उन्होंने कहा कि अन्न का प्रत्येक दाना अनमोल है और किसानों के परिश्रम का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : धान और ज्वार-बाजरा के लिए किसान पंजीयन शुरू
मुख्यमंत्री ने किसानों को जानकारी दी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से शुरू हो गया है। किसान पंजीयन की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक चलेगी।
उन्होंने किसानों से समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की, ताकि समर्थन मूल्य पर उनकी उपज की खरीदी की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : फसल विविधीकरण से आय बढ़ाने का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार हर सुख-दुख में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ फसल विविधीकरण को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने नई तकनीक और नवाचार के साथ उद्यानिकी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा गौपालन, अन्य दुधारू पशुओं के पालन और मछली पालन जैसे व्यवसायों को अपनाकर अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की बात कही।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : दमोह में 6.72 लाख हेक्टेयर में हो रही खेती
मुख्यमंत्री ने दमोह जिले की कृषि स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में करीब 6 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जा रही है। इसमें लगभग 86 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है।
उन्होंने कहा कि दमोह का चना देशभर में अपनी पहचान रखता है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण और एग्रो प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी जिले में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। किसान गेहूं, चना और धान जैसी पारंपरिक फसलों के साथ अब हाई-वैल्यू क्रॉप की ओर भी आगे बढ़ रहे हैं।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा, किसानों को मुफ्त बीज और प्रशिक्षण
दमोह जिले में नई फसलों को बढ़ावा देने के लिए अश्वगंधा की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 100 से अधिक किसानों को अश्वगंधा की खेती के लिए निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने के साथ कृषि प्रशिक्षण भी दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना है, जिनसे परंपरागत फसलों की तुलना में बेहतर आर्थिक अवसर मिल सकें।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : अगले खरीफ सीजन में मखाने की खेती शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में अगले खरीफ सीजन से मखाने का उत्पादन भी नवाचार के तौर पर शुरू किया जाएगा। इसके जरिए जिले में कृषि के नए विकल्प विकसित करने और किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : पशुपालन और डेयरी को मिल रहा बढ़ावा
दमोह जिले में पशुपालन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले एक वर्ष में जिले में 9 नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं।
इसके अलावा क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण में दमोह जिले के 65 गांवों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत जिले में 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं। इन पहलों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को आय के मजबूत साधन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : केन-बेतवा परियोजना से दमोह को बड़ी उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना दमोह जिले के लिए वरदान साबित होने जा रही है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना का काम किया जा रहा है। इससे दमोह जिले के 17 से अधिक गांवों की करीब 3,600 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 1.35 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य
दमोह जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना, पारना जलाशय निर्माण और दादपुर स्टाप डेम का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
सरकार ने दमोह जिले में सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 1.35 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य तय किया है। सरकार का फोकस सिंचाई की सुविधा बढ़ाकर किसानों को कृषि उत्पादन के लिए बेहतर आधार उपलब्ध कराने पर है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : सातों विकासखंडों में जैविक-प्राकृतिक खेती के हाट बाजार
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं। इन बाजारों के जरिए प्राकृतिक और जैविक तरीके से तैयार कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध विकल्प तैयार हो सकें।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : एक क्लिक पर किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। अब किसान एक क्लिक के माध्यम से अपना किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य कृषि से जुड़े वित्तीय कामकाज को आसान बनाना और किसानों को जरूरी सुविधाओं तक डिजिटल माध्यम से पहुंच उपलब्ध कराना है।
Damoh Balram Krishi Mahotsav : प्रगतिशील किसानों से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से भी संवाद किया। उन्होंने खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल, राम कुरेरिया सहित अन्य किसानों से बातचीत कर उनकी खेती-किसानी के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने किसानों से उनके अनुभव, खेती में अपनाई जा रही तकनीकों और प्राकृतिक एवं जैविक कृषि से जुड़े प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कृषि के साथ जुड़े सभी क्षेत्रों में संभावनाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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