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BRICS Summit 2026 : पीएम मोदी का संदेश, किसी के खिलाफ नहीं, सबको साथ लेकर चलने का मंच, संयुक्त बयान पर बनी सहमति

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BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन की भूमिका को लेकर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि BRICS किसी देश या समूह के विरोध का मंच नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सभी देशों को साथ लेकर आगे बढ़ना है। भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सहित BRICS सदस्य देशों के प्रमुख नेता शामिल हुए।

BRICS Summit 2026 : संयुक्त बयान पर बनी सहमति

BRICS देशों के बीच लंबे विचार-विमर्श के बाद संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति बनी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सदस्य देशों के बीच कुछ मुद्दों पर अलग-अलग विचारों के बावजूद साझा सहमति बनाने में भारत की कूटनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही।

BRICS Summit 2026

सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त बयान को लेकर बातचीत देर रात से लेकर शनिवार सुबह करीब 4 बजे तक चली। कई संवेदनशील मुद्दों पर मतभेदों के बीच भारत ने संवाद और सहमति का रास्ता अपनाते हुए सभी सदस्य देशों को एक साझा रुख पर लाने की कोशिश की।

ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के BRICS में शामिल होने के कारण पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दे संगठन के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। ऐसे समय में संयुक्त बयान पर सहमति बनना भारत की अध्यक्षता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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BRICS Summit 2026 : मोदी ने BRICS के अगले 20 साल का विजन रखा

प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS को भविष्य के लिए और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने संगठन के अगले 20 वर्षों के लिए नया एजेंडा तैयार करने का प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी ने कहा कि BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे लिए गए फैसलों और योजनाओं की निरंतरता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने एक स्थायी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया, जिससे फैसलों के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सके।

उन्होंने एक सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा, जिसमें किसी निर्णय की जिम्मेदारी, उसकी समयसीमा और अब तक हुई प्रगति को दर्ज किया जा सके।

BRICS Summit 2026 : ग्लोबल साउथ को नियम बनाने में मिले बराबर की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के लिए नए नियम बन रहे हैं। ऐसे में ग्लोबल साउथ के देशों की भूमिका केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को वैश्विक नियम बनाने की प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।

BRICS Summit 2026 : युवाओं को नीति निर्माण के लिए तैयार करने पर जोर

पीएम मोदी ने BRICS देशों के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने का सुझाव दिया। इसके लिए बातचीत, कूटनीति और कानून से जुड़े प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की बात कही गई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यदि दुनिया का भविष्य साझा है, तो उसके बारे में निर्णय लेने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए।

BRICS Summit 2026 : समुद्र में फंसे नाविकों के लिए नेटवर्क का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री मोदी ने संकट की स्थिति में समुद्री यात्रियों और नाविकों की मदद के लिए BRICS देशों के बीच एक आपातकालीन नेटवर्क बनाने का सुझाव दिया। इस व्यवस्था के जरिए जरूरत पड़ने पर नाविकों को चिकित्सा सहायता, परिवार से संपर्क और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

BRICS Summit 2026 : भारत की BRICS अध्यक्षता में 350 से अधिक बैठकें

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान 30 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। भारत ने अपनी अध्यक्षता में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास जैसे विषयों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि BRICS की गतिविधियों को आम लोगों और मानवता से जोड़ना भी भारत की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

BRICS Summit 2026 : जिनपिंग सात साल बाद भारत पहुंचे

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद यह उनकी भारत यात्रा है। BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई। दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार, कनेक्टिविटी और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

BRICS Summit 2026 : BRICS में डॉलर के विकल्प पर भी चर्चा

BRICS देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और सीमा पार डिजिटल भुगतान को आसान बनाने पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, BRICS की अपनी कोई साझा मुद्रा शुरू करने की फिलहाल आधिकारिक योजना नहीं है। सदस्य देश रुपये, रूबल, युआन समेत अपनी-अपनी स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन बढ़ाने के विकल्प तलाश रहे हैं। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ने से डॉलर पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है, लेकिन वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में डॉलर की मौजूदा भूमिका को तुरंत बदलना आसान नहीं होगा।

BRICS Summit 2026 : भारत के लिए क्यों अहम है BRICS सम्मेलन?

भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया का तनाव, वैश्विक व्यापार, तकनीकी बदलाव और विकासशील देशों की वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी जैसे मुद्दे BRICS के एजेंडे में प्रमुख हैं। भानरत का जोर ऐसे BRICS पर है, जो मतभेदों के बावजूद संवाद और सहयोग के जरिए साझा समाधान तलाश सके।

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