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Aaj ka Panchang: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल का समय

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Aaj ka Panchang: 30 अगस्त 2026, रविवार का दिन पंचांग की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण योग और समय लेकर आया है। आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:38 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में रहेंगे, जबकि सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेंगे। दिन की योजना बनाते समय शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

आज पूर्णिमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास और अमांत गणना के अनुसार श्रावण मास चल रहा है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 प्रभावी है। ऋतु वर्षा तथा अयन दक्षिणायन रहेगा।

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीया, सुबह 9:38 बजे तक
वाररविवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083, सिद्धार्थ
शक संवत1948, प्रभाउ
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदयसुबह 5:39 बजे
सूर्यास्तशाम 6:20 बजे
चंद्रोदयशाम 7:32 बजे
चंद्रास्तसुबह 7:24 बजे
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद, 3:45 AM तक
योगशूल, 3:46 AM तक
करणगर, 9:35 AM तक
शुभ मुहूर्त11:34 AM से 12:24 PM
राहुकाल4:45 PM से 6:20 PM
गुलिक काल3:10 PM से 4:45 PM
यमघण्टकाल11:59 AM से 1:35 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिमीन
चंद्र निवासउत्तर

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि का महत्व

आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:38 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पंचांग परंपरा में तिथि के आधार पर दिन के धार्मिक और सामान्य कार्यों की योजना बनाई जाती है। द्वितीया के दौरान नियमित कामकाज, लंबित कार्यों को व्यवस्थित करने और जरूरी गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकता है।

रविवार को सूर्य पूजा का विशेष महत्व

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह सूर्य को अर्घ्य देना, सूर्य देव का स्मरण करना और दिन की शुरुआत सकारात्मक भाव के साथ करना शुभ माना जाता है। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं, इसलिए आज पंचांग में सूर्य की स्थिति भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

भाद्रपद और श्रावण दोनों क्यों

आज पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार भाद्रपद मास है, जबकि अमांत पद्धति से श्रावण मास माना जा रहा है। भारत में मास की गणना के लिए अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं, इसलिए पंचांग में दोनों प्रकार की जानकारी दिखाई दे सकती है। आज विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 भी प्रभावी हैं।

वर्षा ऋतु में दक्षिणायन का प्रभाव

30 अगस्त को वर्षा ऋतु का समय चल रहा है और पंचांग के अनुसार सूर्य दक्षिणायन में हैं। मौसम में बदलाव और बारिश की स्थिति को देखते हुए यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम का ध्यान रखना भी जरूरी है।

सूर्य सिंह और चंद्रमा मीन राशि में

आज सूर्य सिंह राशि में जबकि चंद्रमा मीन राशि में रहेंगे। सूर्योदय सुबह 5:39 बजे और सूर्यास्त शाम 6:20 बजे होगा। वहीं चंद्रोदय शाम 7:32 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 7:24 बजे होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्रमा की मीन राशि में स्थिति को भावनाओं, कल्पनाशीलता और संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जाता है।

उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और शूल योग

आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र सुबह 3:45 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। पंचांग परंपरा में उत्तर भाद्रपद को गंभीरता, स्थिरता और धैर्य से जुड़े गुणों वाला नक्षत्र माना जाता है।

इसी तरह शूल योग सुबह 3:46 बजे तक रहेगा। पंचांग में योग और नक्षत्र की स्थिति को शुभ-अशुभ समय के आकलन में महत्वपूर्ण माना जाता है। गर करण सुबह 9:35 बजे तक रहेगा।

आज का शुभ मुहूर्त

30 अगस्त को शुभ मुहूर्त सुबह 11:34 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने वाले लोग इस अवधि को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि किसी विशेष धार्मिक संस्कार या व्यक्तिगत कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार मुहूर्त देखना अधिक उचित माना जाता है।

राहुकाल में नए काम से बचने की मान्यता

आज रविवार होने के कारण राहुकाल शाम 4:45 बजे से 6:20 बजे तक रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं में राहुकाल को नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इसलिए जरूरी हो तो नए कार्य की शुरुआत इससे पहले या इसके बाद करने की योजना बनाई जा सकती है।

गुलिक काल और यमघण्टकाल

आज गुलिक काल दोपहर 3:10 बजे से 4:45 बजे तक रहेगा। इसके बाद राहुकाल शुरू हो जाएगा। वहीं यमघण्टकाल सुबह 11:59 बजे से दोपहर 1:35 बजे तक रहेगा। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में शुभ कार्य शुरू करने से पहले पंचांग का विचार किया जाता है।

पश्चिम दिशा में रहेगा दिशाशूल

30 अगस्त को दिशाशूल पश्चिम दिशा में माना गया है। ऐसे में पश्चिम दिशा की यात्रा करने वाले लोग पारंपरिक मान्यता के अनुसार दिशाशूल का विचार कर सकते हैं। यात्रा आवश्यक होने पर लोग अपने स्थानीय पंचांग में बताए गए उपायों और मुहूर्त को भी देख सकते हैं।

दिन की योजना बनाते समय इन समयों का रखें ध्यान

आज के पंचांग में तिथि परिवर्तन सुबह 9:38 बजे होगा, जबकि शुभ मुहूर्त 11:34 बजे से 12:24 बजे तक रहेगा। दूसरी ओर दोपहर के बाद यमघण्टकाल, गुलिक काल और शाम का राहुकाल अलग-अलग समय पर प्रभावी होंगे। ऐसे में पूजा, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों का समय तय करते हुए इन अवधियों को ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।

पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित होता है। शुभ-अशुभ समय से जुड़े निर्णय व्यक्तिगत विश्वास और स्थानीय पंचांग के अनुसार लिए जाते हैं।

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