Report: Santosh Saravgee
Pichhore Police Negligence जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में आदिवासी परिवार के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए डबरा सिविल अस्पताल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों और आदिवासी समाज में नाराजगी देखी जा रही है।
FIR दर्ज न होने का आरोप, पीड़ितों ने लगाई गुहार
Pichhore Police Negligence पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट की घटना के बाद वे शिकायत दर्ज कराने पिछोर थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी FIR दर्ज नहीं की गई। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले मेडिकल कराने की बात कहकर उन्हें डबरा सिविल अस्पताल जाने के लिए कहा। पीड़ितों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।

डबरा थाने पहुंचे घायल, कार्रवाई की उम्मीद
Pichhore Police Negligence जानकारी के अनुसार, बाद में घायल पक्ष डबरा थाने भी पहुंचा, जहां उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मामला संबंधित थाना क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। हालांकि, घटना को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
आदिवासी समाज में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग
Pichhore Police Negligence घटना के बाद आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि शिकायत मिलने के बाद समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे पीड़ित पक्ष का भरोसा प्रभावित होता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।




