Amit Shah: दिल्ली में सोमवार से शुरू हुए दो दिवसीय 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में आतंकवाद, पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर, साइबर क्राइम, अवैध घुसपैठ, ड्रग्स और खुफिया सूचनाओं के बेहतर इस्तेमाल जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मेलन की शुरुआत की और सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।
देशभर से राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के करीब 850 अधिकारी इस सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा।
Amit Shah: आतंकवाद और प्रॉक्सी वॉर पर विशेष चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में पाकिस्तान की ओर से चलाए जाने वाले कथित प्रॉक्सी वॉर से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य में इससे निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा आतंकवाद और कट्टरपंथ को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और उपलब्ध खुफिया सूचनाओं का तेजी से इस्तेमाल करने की जरूरत पर भी विचार किया गया।
Amit Shah: MAC के जरिए इंटेलिजेंस मजबूत करने पर जोर
अमित शाह ने मल्टी एजेंसी सेंटर यानी MAC के माध्यम से अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली सूचनाओं को एक साथ लाने और उनका विश्लेषण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल केवल संग्रह तक सीमित न रहे, बल्कि उसके आधार पर समय रहते कार्रवाई भी की जाए।
गृह मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर परिणाम के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेने की बात कही। इसके लिए MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सूचनाओं के AI आधारित विश्लेषण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
Amit Shah: साइबर क्राइम से निपटने की रणनीति पर मंथन
सम्मेलन में तेजी से बढ़ती साइबर चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने को लेकर रणनीति पर विचार किया गया।
अधिकारियों के बीच साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों में जानकारी साझा करने और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
Amit Shah: ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश
नशीले पदार्थों की तस्करी और इसके नेटवर्क पर रोक लगाने का मुद्दा भी सम्मेलन के प्रमुख एजेंडों में शामिल रहा। गृह मंत्री ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने तथा तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने की जरूरत बताई।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय के साथ ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई को तेज करने पर भी जोर दिया गया।
Amit Shah: घुसपैठ और अवैध प्रवासियों पर सख्ती
सम्मेलन में अवैध घुसपैठ और प्रवासियों की पहचान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों की पहचान करने और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई। सरकार की ओर से इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
Amit Shah: ‘प्रहार’ योजना पर भी हुई चर्चा
अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए गृह मंत्रालय की ‘प्रहार’ योजना के क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए सुरक्षा और जांच एजेंसियों को जरूरी प्रशिक्षण देने की बात कही।
गृह मंत्री ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों को वापस लाने और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही ‘ट्रायल इन अब्सेंशिया’ यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमे की कार्रवाई से जुड़े कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल पर भी ध्यान देने को कहा।
Amit Shah: UAPA मामलों की जांच में अपनाएं एकीकृत तरीका
गृह मंत्री ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA से जुड़े मामलों की जांच में व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने एजेंसियों से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच में आपसी तालमेल बढ़ाने को कहा।
उन्होंने सुरक्षा चुनौतियों के बदलते स्वरूप को देखते हुए जांच प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रियाओं यानी SOP को भी मजबूत करने पर जोर दिया।
Amit Shah: सुरक्षा एजेंसियों को SOP तैयार करने के निर्देश
अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी SOP तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए MAC प्लेटफॉर्म पर मौजूद सूचनाओं और तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने को कहा गया।
सम्मेलन में इस बात पर जोर रहा कि अलग-अलग एजेंसियों के पास मौजूद सूचनाओं को एकीकृत करके उनका विश्लेषण किया जाए, ताकि संभावित सुरक्षा खतरों की पहचान समय रहते की जा सके।
Amit Shah: 850 अधिकारियों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के करीब 850 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है।
बैठक में सुरक्षा से जुड़े मौजूदा खतरों के साथ भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की जा रही है। इसका उद्देश्य केंद्रीय और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है।




