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Trump के टैरिफ पर कनाडा का पलटवार, अमेरिका पर जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी;

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Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव अब और बढ़ता नजर आ रहा है। ट्रंप प्रशासन की ओर से कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा के बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई का फैसला किया है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मुताबिक, उनका देश अब अमेरिका से आने वाले चुनिंदा सामान पर जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।

दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर भी चला, लेकिन शुक्रवार देर रात वाशिंगटन में हुई आखिरी दौर की वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। बातचीत विफल होने के बाद दोनों पड़ोसी देश अब एक-दूसरे के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे उत्तरी अमेरिका में ट्रेड वॉर गहराने की आशंका बढ़ गई है।

Trump: ट्रंप की टैरिफ नीति से बढ़ा तनाव

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने की नीति पर जोर देते रहे हैं। कनाडा भी इस नीति से प्रभावित होने वाले प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।

हालिया विवाद में ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से आने वाले वाहनों, ऑटो पार्ट्स और स्टील जैसे उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की बात कही है। करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। प्रस्तावित नया शुल्क अगले साल से लागू किए जाने की बात कही गई है।

Trump: कनाडा अब अमेरिका को देगा जवाब

अमेरिकी फैसले के जवाब में कनाडा ने भी पलटवार करने का निर्णय लिया है। कनाडाई सरकार अमेरिका से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा करने वाली है।

कनाडा का कहना है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने श्रमिकों, उद्योगों और कारोबारियों के हितों की रक्षा करेगा। कनाडाई नेतृत्व ने संकेत दिया है कि जवाबी शुल्क केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं होंगे, बल्कि इन्हें रणनीतिक तरीके से लागू किया जा सकता है ताकि अमेरिकी टैरिफ का आर्थिक असर कम किया जा सके।

Trump: कनाडाई पीएम कार्नी ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की मौजूदा व्यापार नीति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस तरह से कनाडा पर दबाव बना रहा है, उससे ऐसा लगता है कि वह कनाडा को अपने अधीन लाने की कोशिश कर रहा है।

कार्नी ने साफ कहा कि कनाडा अमेरिका का अधीनस्थ नहीं है और देश अपनी आर्थिक संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि कनाडा अब केवल अमेरिकी शुल्क के बराबर शुल्क लगाने की पुरानी रणनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे लक्षित कदम उठाएगा जिनसे कनाडाई कामगारों और व्यवसायों के हित सुरक्षित रह सकें।

Trump: बातचीत से नहीं निकला कोई समाधान

अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों के बीच व्यापार विवाद को खत्म करने के लिए लगातार बातचीत की गई। दोनों पक्षों ने किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन शुक्रवार देर रात वाशिंगटन में हुई वार्ता भी बेनतीजा रही।

कनाडा की ओर से कहा गया कि अमेरिका की कुछ मांगें ऐसी थीं जिन्हें स्वीकार करना उसके लिए संभव नहीं था। कनाडाई प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित शर्तें आर्थिक रूप से अनुचित थीं और कनाडा के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं थीं।

कार्नी ने यह भी कहा कि अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने से भविष्य में कनाडा की अन्य देशों के साथ स्वतंत्र रूप से व्यापार समझौते करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि कनाडा ने अमेरिकी दबाव में आने के बजाय अपनी अलग रणनीति अपनाने का फैसला किया है।

Trump: कनाडा ने अमेरिका के सामने रखी अपनी शर्त

मार्क कार्नी ने कहा कि यदि अमेरिका अपने टैरिफ में पर्याप्त कमी करता है तो कनाडा भी अमेरिकी एल्युमीनियम, स्टील और मोटर वाहनों पर लगाए गए जवाबी शुल्क को हटाने के लिए तैयार हो सकता है।

इससे साफ है कि कनाडा बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता। हालांकि, कनाडाई सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी समझौते के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे के हितों और व्यापारिक अधिकारों का सम्मान करना होगा।

Trump: ट्रंप ने कनाडा को दी कड़े परिणामों की चेतावनी

टैरिफ विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी है। ट्रंप का कहना है कि यदि कनाडा अमेरिकी नीतियों के साथ सहयोग नहीं करता है तो उसे मौजूदा टैरिफ के अलावा और भी गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा के नेतृत्व को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का संदेश दिया है। ट्रंप की ओर से ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और स्टील जैसे कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की धमकी ने कनाडाई उद्योगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

Trump: ट्रंप ने कनाडाई नेताओं पर किया व्यक्तिगत हमला

व्यापार विवाद अब केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए कनाडा के राजनीतिक नेतृत्व पर भी तीखी टिप्पणियां की हैं।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा लंबे समय से अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाता रहा है। उन्होंने कनाडा द्वारा अमेरिकी किसानों और दूसरे उत्पादों पर लगाए गए शुल्क का भी उल्लेख किया और कनाडाई नेतृत्व को लेकर आक्रामक बयान दिए।

इससे दोनों देशों के बीच पहले से जारी व्यापारिक तनाव में राजनीतिक टकराव का रंग भी दिखाई देने लगा है।

Trump: ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड भी आमने-सामने

इस विवाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रीमियर डग फोर्ड भी खुलकर सामने आए हैं। फोर्ड की राजनीतिक पार्टी कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी से अलग है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ एकजुटता दिखाई है।

फोर्ड ने कहा कि कनाडाई जनता अमेरिकी दबाव के सामने झुकने के बजाय आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि देश में इस समय माहौल काफी गंभीर है और आम नागरिक से लेकर कारोबारी वर्ग तक इस आर्थिक संघर्ष को लेकर चिंतित है।

Trump: ट्रंप और फोर्ड के बीच भी बढ़ी जुबानी जंग

डग फोर्ड के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में फोर्ड की आलोचना करते हुए उनके परिवार को लेकर भी टिप्पणी की और उन्हें कम प्रभावी नेता बताया।

ट्रंप ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भी उनके आधिकारिक पदनाम के बजाय एक अलग संबोधन से निशाना बनाया। इन टिप्पणियों के जवाब में फोर्ड ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया।

फोर्ड ने कहा कि व्यक्तिगत हमलों से वह दबाव में आने वाले नहीं हैं और अगर अमेरिका व्यापारिक टकराव को आगे बढ़ाना चाहता है तो कनाडा उसका सामना करने के लिए तैयार है।

Trump: ट्रेड वॉर का असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के उद्योग एक-दूसरे की सप्लाई चेन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में लंबे समय तक टैरिफ लागू रहने से वाहन उद्योग, स्टील, एल्युमीनियम, कृषि और दूसरे क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।

व्यापारिक शुल्क बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ने और इसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंचने की संभावना भी रहती है। इसके अलावा सीमा पार कारोबार पर निर्भर उद्योगों के लिए नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

Trump: अमेरिका-कनाडा विवाद अब किस दिशा में जाएगा?

बातचीत का ताजा दौर विफल होने और कनाडा की जवाबी टैरिफ की तैयारी के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और तेज होने की आशंका है। हालांकि, कनाडा ने यह संकेत दिया है कि यदि अमेरिका अपने शुल्क कम करता है तो वह भी जवाबी टैरिफ हटाने पर विचार कर सकता है।

ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत और टैरिफ नीति पर दुनिया की नजर रहेगी। अमेरिका और कनाडा अगर जल्द किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं तो यह व्यापारिक टकराव दोनों अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ वैश्विक व्यापार पर भी असर डाल सकता है।

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