India Russia Relation: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा पर मॉस्को पहुंचे हैं। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही साझेदारी पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत संदेश भी सौंपा। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों पर संतोष जताया। इसके साथ ही आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग को और विस्तार देने को लेकर भी बातचीत हुई।
India Russia Relation: पुतिन से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने क्या कहा?
रूसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत के दौरान एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पुतिन तक पहुंचाईं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लिए एक निजी संदेश भेजा है, जिसे वह रूसी राष्ट्रपति को सौंपना चाहते हैं।
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar meets Russian President Vladimir Putin in Moscow, Russia.
— ANI (@ANI) August 24, 2026
(Source: Russian Pool via Reuters) pic.twitter.com/VrrIirbd7i
जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हो चुकी है और इसमें दोनों देशों के आर्थिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई है। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु क्षेत्र और दूसरे क्षेत्रों में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास सहयोग की एक मजबूत तस्वीर है और आने वाले समय में इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।
India Russia Relation: SCO और BRICS को लेकर भी हुई बातचीत
#WATCH | Moscow, Russia: EAM Dr S Jaishankar says, "Let me begin by conveying the good wishes of Prime Minister Narendra Modi. He has given me a personal communication which I would like to hand over to you. We had a meeting of the Intergovernmental Commission. I think overall we… https://t.co/90zWL3fAz0 pic.twitter.com/hzoprrMmia
— ANI (@ANI) August 24, 2026
एस. जयशंकर ने पुतिन के साथ बातचीत में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO और BRICS शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत BRICS शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए तैयार है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस साल आगे भी मुलाकात होने की संभावना को लेकर बातचीत हुई।
भारत में इस वर्ष 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाना है। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की उम्मीद है। ऐसे में जयशंकर की मॉस्को यात्रा को आगामी उच्चस्तरीय भारत-रूस संपर्क की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
India Russia Relation: पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को लेकर क्या कहा?
बैठक के दौरान व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश सरकारी स्तर के संबंधों के साथ-साथ संसदीय और आर्थिक क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं।
Moscow, Russia | Russian President Vladimir Putin says, "Your visit today underscores the level of relations that has long been established between Russia and India, over decades. We continue to work together in virtually all areas. This includes governmental ties,… https://t.co/90zWL3fAz0 pic.twitter.com/4YdIfpyUoT
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पुतिन ने भारत और रूस के बीच व्यापार में इस साल हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यापार में कुछ कमी देखने को मिली थी, लेकिन इस साल इसमें फिर से वृद्धि हो रही है।
रूसी राष्ट्रपति ने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत और रूस के संबंधों को मजबूत करने पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं।
India Russia Relation: फर्टिलाइजर सप्लाई पर रूस ने दिया भरोसा
बैठक में उर्वरक की आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय के समाधान के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
उन्होंने बताया कि रूस भारत को फर्टिलाइजर की सप्लाई बढ़ा रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखने के लिए तैयार है। भारत के लिए यह मुद्दा कृषि उत्पादन और किसानों की जरूरतों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
India Russia Relation: परमाणु और हाई-टेक सेक्टर पर भी फोकस
भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा और हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के एजेंडे में परमाणु ऊर्जा, उच्च तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग को लेकर अच्छी गति से काम आगे बढ़ रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भारत-रूस संबंध केवल पारंपरिक रक्षा और ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश तकनीक और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में भी साझेदारी को विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं।
India Russia Relation: डेनिस मंतुरोव के साथ भी अहम बैठक
मॉस्को यात्रा के दौरान एस. जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। इस बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक संबंधों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस की साझेदारी ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच लगातार मजबूती और अनुकूलन क्षमता दिखाई है। उनके मुताबिक, मौजूदा जटिल अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद दोनों देशों के संबंध लगातार गहरे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आपसी हित और दोनों देशों के बीच भरोसा भारत-रूस साझेदारी की बुनियाद हैं। इसी आधार पर आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जा रहा है।
India Russia Relation: सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे जयशंकर
रूस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने रूसी समकक्ष विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।
जयशंकर की मॉस्को यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। पुतिन के साथ मुलाकात और प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश सौंपे जाने से इस यात्रा का कूटनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।
India Russia Relation: भारत-रूस संबंधों के लिए यात्रा क्यों अहम?
विदेश मंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बैठक में आर्थिक सहयोग से लेकर ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति तक कई ऐसे मुद्दे सामने आए जो भारत की आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों से जुड़े हैं।
इसके अलावा SCO और BRICS के आगामी शिखर सम्मेलनों को लेकर हुई बातचीत ने भी इस यात्रा को खास बना दिया है। सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच संभावित मुलाकात को देखते हुए मॉस्को में हुई यह बातचीत आगे की कूटनीतिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




