BY
Yoganand Shrivastava
Abbas Araghchi ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने मुस्लिम देशों से सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में अधिक एकजुटता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम देश मिलकर खड़े हों तो बाहरी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है और विदेशी शक्तियों पर निर्भरता कम की जा सकती है।
अरागची का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब Mecca में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक नए संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
Abbas Araghchi ‘मुस्लिम देशों की एकजुटता समय की जरूरत’
विदेश मंत्री ने ईरान की सैन्य क्षमताओं और तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच भाईचारे और सहयोग की भावना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
अरागची के अनुसार, साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने इस दिशा में अधिक समन्वय और सहयोग का समर्थन किया।
Abbas Araghchi क्या है मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट?
हाल ही में Mohammed bin Salman, Recep Tayyip Erdogan और Shehbaz Sharif की मौजूदगी में मक्का में एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सामूहिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना बताया गया है।
समझौते के अनुसार, यदि सदस्य देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होता है तो उसे तीनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा और सामूहिक प्रतिक्रिया की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
Abbas Araghchi पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा समीकरण
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, क्षेत्रीय संघर्षों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं ईरान की ओर से मुस्लिम देशों की एकजुटता पर दिया गया जोर क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा चर्चाओं को नई दिशा दे सकता है।
क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच विभिन्न देशों द्वारा नए सुरक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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