Isa Ahmad
Balrampur Elephant Movement: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में इन दिनों एक लोनर हाथी सहित छह हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की लगातार मौजूदगी से कनकपुर, आरागाही और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए लगातार मुनादी कराई जा रही है।
Balrampur Elephant Movement: रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में लोनर समेत छह हाथियों की मौजूदगी, दो मकानों और एक राइस मिल को पहुंचा नुकसान
Balrampur Elephant Movement: वन विभाग के अनुसार, कनकपुर-रामपुर जंगल में पांच हाथियों का दल मौजूद है, जबकि आरागाही-नवापारा क्षेत्र में एक लोनर हाथी विचरण कर रहा है। विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अब तक हाथियों के कारण दो मकानों और एक राइस मिल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
अधिकारियों का कहना है कि जंगल में भोजन और पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद कई बार हाथी गांवों की ओर आ जाते हैं, जिससे मकानों, फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण प्रभावित गांवों में लोगों को रात के समय अकेले खेत या जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
Balrampur Elephant Movement: ग्रामीणों के लिए मुनादी और सतर्कता अभियान जारी, हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील
रामानुजगंज वन परिक्षेत्र झारखंड की सीमा से लगा हुआ है। कन्हर नदी के रास्ते हाथियों का आवागमन पूरे वर्ष बना रहता है। मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग जागरूकता अभियान भी चला रहा है और ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि हाथी दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।



