Report: Vijay Ahirwar
Guna Crime News Cattle Theft मध्य प्रदेश के गुना जिले के अंतर्गत आने वाले फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हमीरपुर में पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार हो रही भैंस चोरी की वारदातों ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। आए दिन हो रही चोरियों से तंग आकर और भारी आर्थिक नुकसान से परेशान होकर शनिवार को गांव के करीब 90 से 100 ग्रामीण एकजुट होकर फतेहगढ़ थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायती आवेदन सौंपते हुए क्षेत्र में सक्रिय शातिर चोर गिरोह के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त और प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
Guna Crime News Cattle Theft 3 साल में 80 भैंसें पार, राजस्थान में खपाने का आरोप
थाने पहुंचे पशुपालकों और ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गांव और उसके आसपास के इलाकों में लंबे समय से एक अज्ञात और सुनियोजित गिरोह मवेशियों की चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है।
- लाखों का नुकसान: ग्रामीणों का दावा है कि पिछले 2-3 सालों के भीतर गांव से लगभग 70 से 80 भैंसें चोरी हो चुकी हैं। एक-एक भैंस की कीमत हजारों-लाखों में होने के कारण गरीब पशुपालकों की कमर टूट गई है।
- अंतर्राज्यीय कनेक्शन: ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से चुराई गई इन भैंसों को अवैध रूप से पड़ोसी राज्य राजस्थान के बाजारों में बेच दिया जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुराग खोजना मुश्किल हो रहा है।
Guna Crime News Cattle Theft हथियारबंद हैं संदिग्ध, खौफ के कारण ग्रामीणों ने साधी चुप्पी
शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने एक बेहद चौंकाने वाला और डरावना खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कई बार मवेशी मालिकों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरों को रंगे हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों के पास घातक हथियार होने के कारण वे पीछे हट गए।
“ग्रामीणों का आरोप है कि जिन संदिग्धों पर उन्हें चोरी का गहरा शक है, वे अत्याधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं। अपनी और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए कोई भी ग्रामीण अकेले या निहत्थे उनका सामना करने या उन्हें पकड़ने का जोखिम नहीं उठा पाता। चोरों के इसी हथियारबंद रसूख के कारण गांव में दहशत का माहौल है।”
Guna Crime News Cattle Theft रातभर जागकर मवेशियों की रखवाली करने को मजबूर
लगातार बढ़ रही चोरियों के कारण हमीरपुर गांव के पशुपालक अब अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे रातभर जागकर (रतजगा कर) लाठी-डंडों के साए में अपने मवेशियों की रखवाली करने को मजबूर हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य और दैनिक मजदूरी भी प्रभावित हो रही है।

Guna Crime News Cattle Theft ग्रामीणों ने की विशेष जांच और नियमित पुलिस गश्त की मांग
फतेहगढ़ थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:
- मवेशी चोरी के इस पूरे रैकेट और अंतर्राज्यीय कड़ियों की जांच के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया जाए।
- चिन्हित संदिग्धों और आरोपियों की पहचान कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पूर्व में चोरी गए मवेशियों की रिकवरी हो।
- ग्रामीण अंचलों में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित रात्रि गश्त (Night Patrolling) और निगरानी बढ़ाई जाए।
पुलिस का आश्वासन: फिलहाल फतेहगढ़ थाना पुलिस ने ग्रामीणों का शिकायती आवेदन स्वीकार करते हुए मामले की गहनता से जांच शुरू करने का पूरा भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध ठिकानों और पूर्व के अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अब ग्रामीणों की नजरें पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब उन्हें इस खौफ और आर्थिक नुकसान से मुक्ति मिलती है।





