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Indian Youth Trapped Myanmar Cyber Fraud Camp: म्यांमार के ‘यातना कैंप’ में कैद 400 से अधिक भारतीय युवा, फर्जी विदेशी नौकरी के झांसे में फंसे महाराष्ट्र और नासिक के युवक

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Indian Youth Trapped Myanmar Cyber Fraud Camp विदेशों में मोटी सैलरी और सुनहरे भविष्य का लालच देकर भारतीय युवाओं को बंधक बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी (Human Trafficking) रैकेट का एक और बेहद खौफनाक चेहरा सामने आया है। थाईलैंड और म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय चीनी और स्थानीय माफियाओं द्वारा संचालित अवैध ‘साइबर फ्रॉड कैंपों’ में वर्तमान में 400 से अधिक भारतीय युवा बंधक बने हुए हैं। ताजा इनपुट के मुताबिक, इन पीड़ितों में महाराष्ट्र के कम से कम 25 युवक शामिल हैं, जिनमें से अकेले 8 युवा नासिक जिले के रहने वाले हैं।

Indian Youth Trapped Myanmar Cyber Fraud Camp डेटा एंट्री और आईटी जॉब का झांसे देकर बैंकॉक बुलाया, फिर सीमा पार ले गए

पीड़ितों के परिजनों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर है:

  • लुभावना ऑफर: सोशल मीडिया और फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को थाईलैंड (बैंकॉक) में डेटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट या आईटी सेक्टर में आकर्षक वेतन वाली नौकरियों का ऑफर दिया गया।
  • तस्करी की कड़ियां: जैसे ही युवा बैंकॉक पहुंचे, उनके पासपोर्ट और दस्तावेज जब्त कर लिए गए। वहां से उन्हें सड़क मार्ग के जरिए अवैध रूप से म्यांमार के नियंत्रण वाले उन सुदूर इलाकों (जैसे म्यावाड्डी) में ले जाया गया, जहां स्थानीय विद्रोही समूहों और तस्करों का राज चलता है।

Indian Youth Trapped Myanmar Cyber Fraud Camp 18 घंटे की बंधुआ मजदूरी और इनकार करने पर बर्बर यातनाएं

म्यांमार के इन सुरक्षित साइबर कैंपों में पहुंचे युवाओं की जिंदगी किसी नरक जैसी हो गई है। बंधक बनाए गए युवाओं को भारी सैन्य सुरक्षा और कटीले तारों के बीच रखा जाता है:

  • जबरन साइबर क्राइम: इन युवाओं से बंदूकों की नोंक पर अमेरिका, यूरोप और भारत के लोगों के साथ ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, क्रिप्टो स्कैम और ‘हनीट्रैप’ जैसे अपराध कराए जा रहे हैं।
  • मानवाधिकारों का हनन: कैंपों से किसी तरह संपर्क साधने वाले पीड़ितों ने बताया कि उन्हें हर दिन 18-18 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। यदि कोई युवक फ्रॉड करने से इनकार करता है या दिए गए टारगेट को पूरा नहीं कर पाता, तो उसे भूखा रखा जाता है, बिजली के झटके दिए जाते हैं और बेहद अमानवीय यातनाएं (Torture) दी जाती हैं।

Indian Youth Trapped Myanmar Cyber Fraud Camp परिजनों ने सरकार और विदेश मंत्रालय से लगाई मदद की गुहार

नासिक और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों के पीड़ित परिवारों ने अब स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्रीय विदेश मंत्रालय (MEA) से अपने बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय पहले भी म्यांमार और कंबोडिया जैसे देशों में चल रहे इन ‘स्कैम सेंटरों’ को लेकर एडवायजरी (Advisory) जारी कर चुका है। केंद्र सरकार स्थानीय दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के माध्यम से इन युवाओं को रेस्क्यू करने की कोशिशों में जुटी हुई है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति और स्थानीय विद्रोही गुटों के प्रभाव के कारण ऑपरेशन्स में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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