BY
Yoganand Shrivastava
Raja Raghuvanshi Murder Case मेघालय के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड का मामला अब देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) की चौखट पर पहुंच गया है। मेघालय हाई कोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत के फैसले को चुनौती देते हुए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष याचिका दायर की है। गुरुवार को केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मेंशन (उल्लेख) किया और त्वरित सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस पर कल यानी शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को ही सुनवाई करने का फैसला किया है।

Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है मेघालय सरकार की मुख्य दलील?
Raja Raghuvanshi Murder Case सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मेघालय सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की भयावहता और कानूनी पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने कोर्ट को बताया:
- साजिश के तहत हत्या: आरोपी महिला अपने पति (राजा रघुवंशी) को बहला-फुसलाकर मेघालय ले गई थी। वहां उसने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को लावारिस फेंक दिया था।
- टाइपिंग की गलती का मिला फायदा: इस गंभीर मामले में निचली अदालतों द्वारा आरोपी महिला की जमानत याचिका दो बार इस आधार पर खारिज की जा चुकी थी कि उसके फरार होने की प्रबल आशंका है। लेकिन हाई कोर्ट ने उसे तकनीकी आधार पर जमानत दे दी कि गिरफ्तारी के समय उसे ‘गिरफ्तारी के आधार’ (Grounds of Arrest) स्पष्ट नहीं किए गए थे। एसजी ने स्पष्ट किया कि यह कोई प्रक्रियात्मक चूक नहीं थी, बल्कि केवल एक धारा में ‘टाइपिंग की मामूली गलती’ (Typographical Error) थी, जिसका अनुचित लाभ आरोपी को मिला है।
Raja Raghuvanshi Murder Case फरार होने की आशंका, कोर्ट ने मानी तुरंत सुनवाई की मांग
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने खंडपीठ के सामने चिंता जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के देश या राज्य से फरार होने की पूरी आशंका बनी हुई है। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर तत्काल रोक लगाना बेहद जरूरी है।

एसजी तुषार मेहता की इन दलीलों और त्वरित सुनवाई के आग्रह को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से स्वीकार किया। अदालत ने मामले की तात्कालिकता को समझते हुए इस पर कल ही (शुक्रवार को) विशेष सुनवाई करने की सहमति दे दी है। इस सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।





